भिवानी, 9 अक्टूबर: एक तरफ जहां रोङवेज कर्मचारी सरकार को 16-17 अक्टूबर को चक्का जाम की चेतावनी दे चुके हैं। वहीं अब बिजली कर्मचारियों ने भी मांग पूरी ना होने पर 30 अक्टूबर को हङताल कर हरियाणा भर में ब्लैक डे की चेतावनी दी है।
भिवानी की सङकों पर उतरे बिजली निगम के कर्मचारियों ने हरियाणा इलैक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्कर्ज यूनियन के बैनर तले अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बिजली कर्मचारियों ने अपनी 40 सूत्री मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और डीसी के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपा।
बता दे, बिजली निगम के कर्मचारियों का यह तीसरे दोर का आंदोलन है। इससे पहले बिजली कर्मचारी अपनी 40 मांगों को लेकर सब-यूनिट स्तर पर और दूसरे दौर में यूनिट स्तर पर दो-दो घंटे का धरना देकर अपनी मांगें पूरी ना होने पर विरोध जता चुके हैं।
यूनियन के शर्कल सचिव महेश रोहिला व प्रदेश प्रवक्ता बल्लू बामला ने बताया कि पूरानी पेंशन बहाली, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने तथा पक्का ना होने तक समान काम-समान वेतन देने जैसी 40 मांगों को लेकर वो सरकार के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। उन्होने कहा कि सरकार हर बार उनकी मांगों की अनदेखी व वादाखिलाफी करती है। उन्होने चेतावनी दी कि अब भी उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो 17 अक्टूबर को पंचकुला में विद्धूत सदन का घेराव कर एसीएस के माध्यम से ज्ञापन सौंपा जाएगा और फिर 30 अक्टूबर को हरियाणा भर में हङताल की जाएगा।
साथ ही बिजली कर्मचारियों का कहना है कि 30 अक्टूबर की हङताल में सरकार ने कुछ ओछी हरकत की तो हङताल को अनिश्चितकाल कर दिया जाएगा। उन्होने कहा कि हङताल के दौरान जो ब्लैक आऊट होगा उसकी जिम्मेवारी सरकार कि है। ऐसे में जनता को परेशानी से बचाने के लिए सरकार को पहले ही मांग पूरी करनी चाहिए। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि पहले पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल ने कर्मचारियों पर एस्मा जैसे कानून लागू किए थे और उन्हे सत्ता से बेदखल होना पङा। ऐसे ही अब सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी और दबाने का प्रयास किया तो बंसीलाल की तरह भाजपा को भी सत्ता से बेदखल होना पङेगा।
बाइट- महेश रोहिला व बल्लू बामला
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