नई दिल्ली। कर्नाटक की सियासी लड़ाई में अब वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी भी कूद पड़े हैं। राम जेठमलानी ने कर्नाटक के राज्यपाल द्वारा बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता देने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जेठमलानी ने राज्यपाल के फैसले को ‘संवैधानिक शक्ति का घोर दुरुपयोग’ बताया है।
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चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के नेतृत्व वाली पीठ ने तत्काल सुनवाई के लिए दायर की गई जेठमलानी की याचिका पर विचार किया और कहा कि गुरुवार तड़के कर्नाटक मामले की सुनवाई करने वाली तीन सदस्यीय स्पेशल बेंच शुक्रवार को इस पर सुनवाई करेगी।
जस्टिस एएम खानविल्कर और जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता से कहा कि वह न्यायमूर्ति ए के सीकरी की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष 18 मई को अपनी याचिका दायर करें जब कांग्रेस पार्टी और जेडीएस की याचिकाओं पर सुनवाई होगी। आपको बता दें कि कर्नाटक में येदियुरप्पा सरकार का गठन हो गया है लेकिन इस पर विवाद लगातार जारी है।
#WATCH Senior lawyer Ram Jethmalani speaks on Karnataka politics, says, 'What has BJP said to Guv, that he did such a stupid action? Order of Guv is open invitation to do corruption.' Jethmalani has approached SC against Karnataka Guv's invitation to Yeddyurappa for forming govt. pic.twitter.com/uLa0oXcPQZ
— ANI (@ANI) May 17, 2018
राज्यपाल के बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता देने के खिलाफ कांग्रेस की याचिका पर गुरुवार देर रात सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई जो सुबह साढ़े पांच बजे तक चली। इस मामले में केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, बीजेपी की ओर से पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी और कांग्रेस की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी कोर्ट में पेश हुए।
कोर्ट ने येदियुरप्पा को शुक्रवार 10:30 बजे तक विधायकों की लिस्ट सौंपने को कहा है। कोर्ट ने गवर्नर के फैसले पर रोक लगाने से इंकार करते हुए कहा कि शपथ ग्रहण पर रोक नहीं लगाई जा सकती है। हालांकि, कोर्ट ने इस बात को माना है कि विश्वास मत साबित करने के लिए दिए गए 15 दिन के समय पर सुनवाई हो सकती है।
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