नेशनल डेस्क: अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्ध मौत से पूरे राजनीति जगत, संत समाज और उनके अनुयायियों में शोक की लहर है। तो वहीं इस पूरे मामले में उनके शिष्य आनंद गिरी की भूमिका सवालों के घेरे में है। जानकारी के मुताबिक आनंद गिरी अपने गुरु महंत नरेंद्र गिरि के साथ सन 2004 मैं निरंजनी अखाड़ा हरिद्वार से प्रयागराज चले गए थे। राम रतन गिरी महाराज ने बताया आनंद गिरि का विवादों से पुराना नाता रहा है वह जब ऑस्ट्रेलिया गए थे वहां पर भी उनके ऊपर विदेशी महिला ने छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कराया था और वहां पर भी जेल में रहे थे।
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इस बात को लेकर हुआ था गुरू शिष्य में विवाद
मिली जानकारी के मुताबिक विदेश से आने के बाद आनंद गिरि का अपने गुरु महंत नरेंद्र गिरि से पेट्रोल पंप लगाने को लेकर और अखाड़े की संपत्ति को लेकर विवाद हुआ था और दोनो गुरु शिष्य में अनबन रहने लगी थी। इनकी कार्यशैली को देखते हुए 14 मई 2021 को महंत आनंद गिरी को निरंजनी अखाड़े से निष्कासित कर बाहर का रास्ता दिखा दिया था।
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