Sunday , 13 September 2026

राफेल डील यूथ कांग्रेस का पीएम आवास का घेराव

नई दिल्ली, (ब्यूरो)। राफेल डील मुद्दे को लेकर कांग्रेस अब सड़क पर उतर आई है। इसकी शुरुआत वीरवार को यूथ कांग्रेस की ओर से हो गई। राफेल को लेकर यूथ कांग्रेस ने दिल्ली में जबरदस्त प्रदर्शन किया। डील को लेकर कांग्रेस शुरु से ही मोदी सरकार को घेरे रही है। यूथ कांग्रेस ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास का घेराव किया। कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास तक मार्च निकाला। कांग्रेस का आरोप है कि राफेल डील के जरिए प्रधानमंत्री मोदी ने इस डील में घोटाला किया है। मार्च कांग्रेस मुख्यालय से लेकर पीएम आवास तक रहा। प्रदर्शन के दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

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बता दें कि कांग्रेस ने राफेल के मुद्दे पर देशभर में करीब 100 से अधिक प्रेस कॉन्फ्रेंस की हैं। इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ मिलकर बैठक भी की। पार्टी ने बैठक में मोदी सरकार को घेरने का प्लान बनाया। कांग्रेस का आरोप है कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में 126 विमान खरीदे जाने का वादा हुआ था, इसके लिए 18 विमान रेडी टू फ्लाई और शेष 108 विमान टेक्नोलॉजी ऑफ ट्रांसफर के तहत यहां एचएएल में निर्माण होना था। लेकिन पीएम मोदी ने जो समझौता किया है उसमें मात्र रेडी टू फ्लाई के लिए 36 राफेल खरीद की बात है। बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट से वार किया, तो अमित शाह ने भी ट्विटर से ही जवाब दिया। दरअसल, इसकी शुरुआत वित्त मंत्री अरुण जेटली के ब्लॉग से हुई। जिसमें उन्होंने राहुल गांधी से 15 सवाल पूछे थे, इसका जवाब देते हुए राहुल ने ट्वीट किया कि ग्रेट राफेल रॉबरी पर फिर से देश का ध्यान दिलाने के लिए शुक्रिया जेटली जी। क्यों न इस मामले को निपटाने के लिए संयुक्त संसदीय समिति से जांच करा ली जाए। राहुल ने लिखा कि समस्या यह है कि आपके सुप्रीम लीडर अपने दोस्त को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, और इसलिए थोड़ी तकलीफ हो सकती है। पता कर लीजिए, और 24 घंटे में जवाब दीजिए। हम इंतजार कर रहे हैं। राहुल गांधी का जवाब देते हुए अमित शाह ने लिखा कि 24 घंटे का इंतजार क्यों करना जब आपके पास अपनी जेपीसी- झूठी पार्टी कांग्रेस है। देश को मूर्ख बनाने वाले आपके झूठ स्वप्रमाणित हैं, जब आप दिल्ली, कर्नाटक, रायपुर, हैदराबाद, जयपुर और संसद में राफेल की अलग-अलग कीमत बताते हैं। लेकिन देश की बुद्धिमत्ता आपसे ज्यादा है।

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