जींद: जिले में स्वाइन फ्लू से 33 वर्षीय व्यक्ति की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच बढ़ा दी है। डाहोला गांव निवासी युवक का पीजीआईएमएस रोहतक में इलाज चल रहा था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक सरकारी विभाग में कर्मचारी था।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!स्वाइन फ्लू से मौत की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मृतक के परिवार और आसपास के लोगों की स्वास्थ्य जांच के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। ये टीमें संदिग्ध लक्षण वाले लोगों की जांच करने के साथ जरूरत पड़ने पर सैंपल भी लेंगी।
जिले में स्वाइन फ्लू के दो नए मामले
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में स्वाइन फ्लू के दो नए मामले सामने आए हैं। इनमें बड़ौदी गांव का 82 वर्षीय बुजुर्ग और शहर के वार्ड नंबर 27 का 40 वर्षीय व्यक्ति शामिल है।
नए मामलों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी का दायरा बढ़ा दिया है। सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार जैसे लक्षण वाले मरीजों की सैंपलिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं।
संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए प्रतिदिन पीजीआईएमएस रोहतक भेजे जा रहे हैं। वहीं, नागरिक अस्पताल में स्वाइन फ्लू से संक्रमित मरीजों के लिए विशेष वार्ड भी बनाया गया है।
नरवाना में 8 वर्षीय बच्चे की मौत, कारण की पुष्टि नहीं
नरवाना क्षेत्र में 8 वर्षीय बच्चे की मौत को लेकर भी स्वाइन फ्लू की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने अभी बच्चे की मौत को स्वाइन फ्लू से होने की पुष्टि नहीं की है।
नागरिक अस्पताल के डिप्टी सीएमओ डॉ. विजेंद्र ढांडा के अनुसार, बच्चे के इलाज से जुड़े दस्तावेजों और सैंपल की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि हो सकेगी।
परिवार और आसपास के लोगों की होगी जांच
स्वाइन फ्लू से हुई मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें मृतक के परिजनों और आसपास के क्षेत्र में लोगों की जांच करेंगी। संदिग्ध लक्षण मिलने पर मरीजों के सैंपल लिए जाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को स्वाइन फ्लू के लक्षण, संक्रमण फैलने के कारण और बचाव के उपायों को लेकर जागरूक भी किया जाएगा।
डेंगू के मामलों पर भी स्वास्थ्य विभाग की नजर
जिले में स्वाइन फ्लू के साथ-साथ डेंगू के मामलों को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग निगरानी कर रहा है। विभाग ने मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के साथ अब स्वाइन फ्लू को लेकर भी जांच और जागरूकता अभियान तेज कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सकों को निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार मरीजों की जांच करने और संदिग्ध मामलों में सैंपल लेने के निर्देश दिए हैं।
Pratham Tehelka Pratham Tehelka News
