Tuesday , 22 September 2026
फरीदाबाद में जिंदा बुजुर्ग को सरकारी रिकॉर्ड में मृत बताया,
फरीदाबाद में जिंदा बुजुर्ग को सरकारी रिकॉर्ड में मृत बताया,

फरीदाबाद में जिंदा बुजुर्ग को सरकारी रिकॉर्ड में मृत बताया, पेंशन बंद; तीन महीने से दफ्तरों के चक्कर!

फरीदाबाद: हरियाणा के फरीदाबाद में सरकारी रिकॉर्ड की एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। NIT-5 निवासी करीब 80 वर्षीय सुरजन सिंह को पेंशन रिकॉर्ड में मृत दर्ज कर दिया गया, जबकि वह जीवित हैं और अपनी पत्नी के साथ घर पर रह रहे हैं। रिकॉर्ड में मौत दर्ज होने के बाद उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद हो गई।

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सुरजन सिंह के मुताबिक, वह करीब तीन महीने से खुद को सरकारी रिकॉर्ड में जीवित दर्ज कराने और पेंशन बहाल कराने के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। उनका कहना है कि उम्र अधिक होने के कारण बार-बार दफ्तर जाना उनके लिए काफी मुश्किल हो रहा है।

बैंक खाते में पैसे खत्म हुए तो सामने आया मामला

सुरजन सिंह के बैंक खाते में करीब 50 हजार रुपये जमा थे। इसी खाते में उनकी वृद्धावस्था पेंशन भी आती थी। करीब तीन महीने पहले खाते में जमा रकम खत्म होने के बाद जब वह SBI पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि लंबे समय से उनके खाते में पेंशन की राशि नहीं आई है।

इसके बाद उन्होंने सेक्टर-15 स्थित पेंशन कार्यालय में जानकारी ली। वहां रिकॉर्ड की जांच करने पर उन्हें बताया गया कि पेंशन रिकॉर्ड में उनकी मृत्यु 26 मार्च 2025 को दर्ज है। इसी आधार पर उनकी पेंशन रोक दी गई।

सुरजन सिंह का कहना है कि उन्हें यह जानकारी नहीं दी गई कि रिकॉर्ड में उनकी मृत्यु किस दस्तावेज या प्रक्रिया के आधार पर दर्ज की गई।

‘साहब… अब तो जिंदा मान लो’

सुरजन सिंह का कहना है कि वह अपनी पेंशन बहाल कराने के लिए लगातार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह इस प्रक्रिया से परेशान हो चुके हैं।

बुजुर्ग ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा, “मैं चक्कर काट-काटकर थक गया हूं, साहब… अब तो जिंदा मान लो।”

उनके मुताबिक उन्हें करीब 3 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलती थी, जो अब बंद है।

समाधान शिविर में भी दी शिकायत

सुरजन सिंह ने बताया कि पेंशन विभाग के कर्मचारियों ने उन्हें 17 सितंबर को सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय में लगाए गए समाधान शिविर में शिकायत देने के लिए कहा था। उन्होंने वहां पेंशन रिकॉर्ड में सुधार और पेंशन बहाली की मांग को लेकर शिकायत दर्ज कराई।

हालांकि, उनके मुताबिक मौके पर समस्या का समाधान नहीं हुआ और उन्हें आगे कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।

पेंशन ID में मृत, PPP में जीवित

सुरजन सिंह के अनुसार, उनके सरकारी रिकॉर्ड में भी अंतर सामने आया है। उनका कहना है कि पेंशन ID में उन्हें मृत दिखाया गया है, जबकि परिवार पहचान पत्र यानी PPP में वह जीवित दर्ज हैं।

इसी को लेकर उनका सवाल है कि जब PPP में उनका रिकॉर्ड जीवित व्यक्ति के तौर पर मौजूद है, तो पेंशन रिकॉर्ड में उनकी मृत्यु की एंट्री किस आधार पर की गई।

पत्नी की आय में बदलाव का भी दावा

सुरजन सिंह ने अपनी पत्नी प्रीतम कौर के रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनके मुताबिक पत्नी की उम्र भी करीब 80 साल है और वह बीमार रहती हैं।

सुरजन सिंह का दावा है कि PPP में पहले उनकी पत्नी की आय 1.80 लाख रुपये दर्ज थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दिया गया। उनकी अपनी आय भी 3 लाख रुपये दर्ज दिखाई जा रही है। उन्होंने इस बदलाव के आधार पर भी अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है।

SDM ने कहा- मामला चंडीगढ़ भेजा गया

मामले में SDM डॉ. हन्नी बंसल ने बताया कि सुरजन सिंह की शिकायत संबंधित विभाग को भेज दी गई है। विभाग की ओर से जानकारी दी गई है कि मामला चंडीगढ़ भेजा गया है।

SDM ने उम्मीद जताई कि जल्द ही बुजुर्ग की समस्या का समाधान हो जाएगा।

वहीं, मामले में जिला समाज कल्याण अधिकारी (DSWO) ममता शर्मा से पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया, लेकिन उनसे फोन पर संपर्क नहीं हो सका।

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