Tuesday , 22 September 2026
तिजारा चेयरमैन चुनाव से पहले पंचकूला में सियासी घमासान,
तिजारा चेयरमैन चुनाव से पहले पंचकूला में सियासी घमासान,

तिजारा चेयरमैन चुनाव से पहले पंचकूला में सियासी घमासान!

पंचकूला: राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले की तिजारा नगर परिषद में सभापति पद के चुनाव से ठीक पहले हरियाणा के पंचकूला में सियासी हलचल तेज हो गई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश से राजस्थान लौट रहे उसके समर्थन वाले करीब 18 पार्षदों को चंडीमंदिर-सूरजपुर टोल प्लाजा के पास रोक लिया गया। इसके बाद कांग्रेस नेताओं और समर्थकों ने पिंजौर थाने के बाहर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया।

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हिमाचल से लौट रहे थे पार्षद

जानकारी के मुताबिक, तिजारा नगर परिषद के पार्षद चुनाव से पहले हिमाचल प्रदेश में एक साथ ठहरे हुए थे। रविवार रात राजस्थान लौटते समय कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि उनकी बस और अन्य वाहनों को पंचकूला के चंडीमंदिर-सूरजपुर टोल प्लाजा के पास रोक दिया गया।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पार्षदों को पुलिस अपने साथ पिंजौर थाने ले गई। इसके बाद राजस्थान से कांग्रेस नेता और पार्षदों के समर्थक पंचकूला पहुंचे और थाने के बाहर धरने पर बैठ गए।

चुनाव प्रभावित करने का लगाया आरोप

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि तिजारा नगर परिषद के सभापति पद के चुनाव से कुछ घंटे पहले पार्षदों को रोकने का उद्देश्य मतदान को प्रभावित करना है। पार्टी नेताओं ने पुलिस से पार्षदों को रोके जाने का कारण और उनकी वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

इस घटनाक्रम के बाद पिंजौर थाने के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन और नारेबाजी की।

पंचकूला पुलिस ने हिरासत के आरोप से किया इनकार

वहीं, पंचकूला पुलिस ने कांग्रेस के इन आरोपों का खंडन किया है। एसीपी राम कुमार के अनुसार, पुलिस को पार्षदों के बारे में जानकारी मिली थी और उनकी लोकेशन अंबाला या शाहबाद की तरफ होने की सूचना सामने आई थी। पुलिस ने कहा कि इस मामले में उसकी कोई भूमिका नहीं है और पार्षदों की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा रहा है।

बाद की रिपोर्टों में 18 पार्षदों को कुछ घंटों बाद छोड़े जाने की जानकारी भी सामने आई है, हालांकि पूरे घटनाक्रम को लेकर जांच जारी बताई गई है।

21 सितंबर को होना था सभापति पद का चुनाव

तिजारा नगर परिषद में सभापति पद के लिए 21 सितंबर 2026 को मतदान निर्धारित था। परिषद में कुल 35 वार्ड हैं और बहुमत का आंकड़ा 18 है। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले 18 पार्षदों को लेकर सामने आया विवाद राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बन गया।

फिलहाल इस पूरे मामले में कांग्रेस के आरोप और पंचकूला पुलिस के आधिकारिक पक्ष में अंतर है। अब जांच और प्रशासनिक कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि पार्षदों को वास्तव में किसने और किन परिस्थितियों में रोका था।

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