डीगढ़ | जुलाई 2025 : हरियाणा सरकार डिजिटल सुविधा की दिशा में एक नई पहल करने जा रही है। सरकार जल्द ही एक ‘फेस ऐप’ लॉन्च करने जा रही है, जिसके जरिए राज्य के पेंशनर और सामाजिक सुरक्षा लाभार्थी घर बैठे अपना जीवन प्रमाण पत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) जमा कर सकेंगे। यह ऐप फिलहाल परीक्षण के अंतिम चरण में है और इसे अगस्त 2025 में पंचकूला और अंबाला जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जाएगा। इसके बाद इसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा, जिससे 36 लाख से अधिक लाभार्थियों को राहत मिलेगी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!लॉन्च के पीछे ये हैं 3 प्रमुख कारण:
1️⃣ रिकॉर्ड होगा अपडेट:
फेस ऐप से पेंशन और सामाजिक लाभार्थियों का डेटा रीयल टाइम में अपडेट होगा, जिससे विभागीय प्रक्रियाएं तेज और पारदर्शी बनेंगी।
2️⃣ मृत लाभार्थियों की पहचान संभव:
वर्तमान में कई मृत लोगों के नाम पर पेंशन जारी है। फेस वेरिफिकेशन तकनीक से ऐसे रिकॉर्ड हटाने में मदद मिलेगी।
3️⃣ बुजुर्गों को नहीं लगेगी दौड़:
पेंशनर्स को तहसील या कार्यालय जाकर प्रमाण पत्र देने की जरूरत नहीं होगी। वे साल में दो बार अपने मोबाइल से ही वेरिफिकेशन कर सकेंगे।
स्मार्टफोन न होने पर भी मिलेगी सुविधा
जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है, वे कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या स्थानीय सेवा कार्यालय जाकर वेरिफिकेशन करा सकेंगे। विभाग की एसीएस जी अनुपमा ने कहा कि तकनीकी अड़चनों के कारण कोई भी व्यक्ति लाभ से वंचित नहीं रहेगा।
यह योजना राजस्थान और तमिलनाडु के डिजिटल मॉडल से प्रेरित है और हरियाणा में डिजिटल शासन की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम मानी जा रही है।
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