चंडीगढ़ ,8 जुलाई 2025 : हरियाणा सरकार ने महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नाइट शिफ्ट (रात की पाली) में कार्यरत महिलाओं के लिए नई सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। अब राज्य के सभी प्रतिष्ठानों, कंपनियों और फैक्ट्रियों को महिलाओं से रात की ड्यूटी करवाने से पहले उनकी लिखित सहमति लेनी होगी और श्रम विभाग को इसकी सूचना देना अनिवार्य होगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!महिलाओं की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतज़ाम अनिवार्य
हरियाणा श्रम विभाग द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के तहत अब कोई भी प्रतिष्ठान महिला कर्मियों की सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं कर सकेगा। सभी नियोक्ताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि:
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महिलाओं की कार्यस्थल पर और आसपास उचित प्रकाश व्यवस्था हो।
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सीसीटीवी कैमरे ऐसे क्षेत्रों में लगाए जाएं, जहां महिलाएं ड्यूटी के दौरान जा सकती हैं।
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महिला सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति अनिवार्य होगी।
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महिलाओं को बैच में काम करना होगा, जिसमें कम से कम चार महिलाएं शामिल हों।
परिवहन सुविधा में भी बदलाव
नाइट शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित परिवहन सुविधा देना अब सभी संस्थानों के लिए अनिवार्य हो गया है। इसमें शामिल हैं:
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हर वाहन में महिला सुरक्षा गार्ड होना जरूरी।
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ड्राइवर प्रशिक्षित और जिम्मेदार होना चाहिए।
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वाहन में सीसीटीवी कैमरे और GPS सिस्टम अनिवार्य रूप से लगे होने चाहिए।
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अगर कोई महिला स्वयं आने की इच्छुक है, तो उसे अपनी लिखित सहमति देनी होगी।
चिकित्सा और आपातकालीन सुविधा का भी प्रबंध
हर फैक्ट्री और प्रतिष्ठान को कार्यस्थल पर या पास में एक डॉक्टर या महिला नर्स की सुविधा देनी होगी, या फिर किसी नजदीकी अस्पताल के साथ समन्वय बनाना होगा। इसके अलावा, एम्बुलेंस, पुलिस और अस्पताल के नंबर प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने होंगे।
POSH कानून के तहत कमेटी गठन अनिवार्य
कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम के लिए 2013 के POSH (Prevention of Sexual Harassment) अधिनियम के तहत अब हर संस्था को आंतरिक शिकायत समिति (Internal Complaints Committee) बनाना जरूरी होगा।
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