हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने आज एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से राज्य में हाल की भारी बारिश से हुई तबाही को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की। ताकि राज्य को क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए उदार वित्तीय सहायता मिल सके।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस प्रस्ताव को पेश करते हुए हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि जुलाई और अगस्त में तीन भारी बारिश के दौरान राज्य को पहले ही 9,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है और यह आंकड़ा 12,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है।
सुक्खू ने कहा कि राज्य को एक विशेष वित्तीय पैकेज की जरूरत है, जैसा कि केंद्र ने तब किया था जब केदारनाथ, जोशीमठ और भुज में त्रासदी हुई थी। सीएम ने कहा कि 18 अगस्त को राज्य सरकार ने हिमाचल को आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया और केंद्र से बारिश के प्रकोप को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का अनुरोध किया ताकि राज्य को राहत और बहाली कार्य करने के लिए एक विशेष वित्तीय पैकेज दिया जा सके।
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