नेशनल डेस्क: रूस ने जहां नागरिकों को सुरक्षित निकलने के लिए युद्ध विराम का ऐलान किया तो वहीं अब यह माना जा रहा है कि, भारत के आग्रह करने पर रूस ने ये फैसला लिया। दरअसल, भारत ने एक दिन पहले ही रूस यूक्रेन से संघर्ष विराम घोषित करने का आग्रह किया था ताकि वह लगभग 3,000 भारतीय नागरिकों को बाहर निकाल सके। विशेष रूप से पूर्वी यूक्रेन के खार्किव सुमी शहरों से जहां गोलाबारी तेजी से हमले के कारण किसी भी विदेशी नागरिकों को निकलना असंभव लग रहा था। लेकिन एक दिन बाद ही भारत की मांग को रूस ने स्वीकार करते हुए सीजफायर की घोषणा कर दी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रूस ने किया सीजफायर का ऐलान
रूस ने यूक्रेन के युद्धग्रस्त इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए दो जगहों मारियोपोल वोल्वोनोखा में सीजफायरग्रीन कॉरिडोर बनाने का ऐलान कर दिया है। हालांकि इन दोनों ही इलाकों में भारतीयों की संख्या बहुत कम है, फिर भी शांति की दिशा में बढ़िया कदम माना जा रहा है। रूस ने ऐलान किया है कि यह सीजफायर 12.30 बजे से शुरू होगा जो मानवीय आधार पर किया गया है ताकि आम नागरिकों को निकलने का मौका दिया जा सके। रूस मारियोपोल वोल्वोनोखा में मानवीय कॉरिडोर खोलने जा रहा है।

मोदी ने पुतिन से की थी बात, सीजफायर को लेकर की थी मांग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब तक दो बार रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत कर चुके हैं। बातचीत के क्रम में पीएम मोदी ने सीजफायर को लेकर मांग कर चुके थे। हालांकि भारत ने यूक्रेन से भी इस तरह की मांग की थी। वर्तमान में अभी भी बड़ी संख्या में भारतीय रूस से सटे यूक्रेन के इलाकों में फंसे हैं जहां उन्हें तत्काल मदद की जरूरत है।
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