10 मई 2019 दिल्ली : बिहार में नियोजित शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को नियोजित शिक्षकों को समान काम के बदले समान वेतन देने के फैसले से इंकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से राज्य सरकार को बड़ी राहत मिलती दिखाई दे रही है। करीब दस साल पहले बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ ने बिहार में नियोजित शिक्षकों के लिए समान काम समान वेतन की मांग पर एक याचिका पटना हाइकोर्ट में दाखिल किया था। साल 2017 में पटना हाईकोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुनाया था।
पटना हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ बिहार सरकार सुप्रीम कोर्ट चली गई थी. जहां से राज्य सरकार को राहत मिली है. राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में यह भी दलील दिया था कि हाईकोर्ट के फैसले से सरकार पर 50 हज़ार करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से नियोजति शिक्षकों और उनके परिवार पर सीधा असर पड़ सकता है। बिहार के नियोजित शिक्षकों का वेतन फिलहाल 22 से 25 हजार है। सुप्रीम कोर्ट अगर इन शिक्षकों के पक्ष में फैसला दे देता तो इनका वेतन करीब 35-40 हजार रूपये तक हो जाएगा। प्रथम तेहेलका के facebook और Youtube पेज से जुड़ें के लिए यहां क्लिक करें
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