गुरुग्राम में ऐसे हालात न हो जाये कि हर व्यक्ति को पीने के पानी के लिए भी तरसना पड़े। हालात कुछ ऐसे ही बन रहे है कुछ रिपोर्ट के आधार पर ये सामने आया है कि हालात ये यही रहे तो आने वाले 2025 तक पानी खत्म होने की संभावना जताई जा रही है। इसके लिए अब होर्टीकल्चर विभाग के सहारे पानी की बचत की पहल की गई है।
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वही इस बीच सबसे बड़ी समस्या ये है जल वैज्ञानिक के अनुसार पानी का लेवल काफी तेजी से पाताल की ओर अग्रसर है। जल वैज्ञानिक के आंकड़ों पर नजर दौड़ाए तो वर्ष 2017 में चक्करपुर में करीब 133 फीट, डूंडाहेड़ा में 158, मानेसर में 86, कासन में 92, गुरुग्राम शहर में 51, वजीरपुर में 41 फीट नीचे पानी था। वहीं आज इन सभी जगह 40 से 50 फीट नीचे पानी का लेवल जा चुका है। वहीं डीएलएफ, सुशांत लोक सहित हाइवे पार के कई क्षेत्रों में पानी का स्तर दौ सौ के पार पहुंच गया है।
हरियाणा सरकार ने इस पर गंभीरता दिखाते हुए हरियाणा भर में कुल 36 डार्क जोन घोषित किये है जिसमें से गुरुग्राम सबसे बड़ा डार्क जोन है। इसके चारों ब्लाक , गुरुग्राम, बादशाहपुर, पटौदी और सोहना पानी की किल्लत से जुझ रहा है। इस लिए पूरा गुरुग्राम ही डार्क जोन है। इसी को ध्यान में रखते हुए अब हरियाणा सरकार ने किसानों के साथ साथ ओद्यौगिक, इस्टीच्यूशनल संस्थाओं को भी ड्रीप इरीगेशन लगाने पर 85 प्रतिशत सबसिडी देने का निर्णय लिया है। इससे पहले ये सुविधा केवल बड़े किसानों के लिए थी। जो सिर्फ 50 से 60 प्रतिशत सबसिडी दी जाती थी। इस बीच अब यूनिवर्सिटी, स्कूल, कॉलेज औऱ किसी भी स्पोर्टस एकेडमी के साथ साथ कॉमर्शियल साइट पर ड्रीप सिस्टम लगाने के लिए सबसिडी सरकार देगी।
मुख्यतौर पर खुला पानी छोड़ने से फसल भी खराब होती है और पानी की बरबादी भी होती है जिसके चलते इस स्किम को शुरु किया गया है। गुरुग्राम में 300 हेक्टेयर का टारगेट और इससे पहले गुरुग्राम में होर्टीकल्चर विभाग ने 80 हेक्टेयर के टारगेट को पार करते हुए 250 हेक्टेयर जमीन तक इस ड्रीप सिस्टम को लागू कराया था। जिससे किसानों के साथ साथ पानी की बचत हुई थी।
गुरुग्राम की लगभग 30 लाख की आबादी को महज 55 एमजीडी पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है जबकि जरूरत 125 एमजीडी पानी की है। इस वर्ष के अंत तक 100 एमजीडी पानी की आपूर्ति के लक्ष्य की पूर्ति की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन यह लक्ष्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है। सेन्ट्रल ग्राउंड वाटर अथौरिटी ने गुरुग्राम को डार्क जोन घोषित किया हुआ है।
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