चंडीगढ़, 25 जुलाई: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निवास पर शुक्रवार शाम को हरियाली तीज का भव्य आयोजन हुआ। सावन की हरियाली और पारंपरिक लोक-संस्कृति के रंगों से सजे इस कार्यक्रम में पूरे प्रदेश से आई महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रंग-बिरंगी साड़ियों, मेहंदी लगे हाथों, झूले, लोकगीतों और नृत्य की प्रस्तुतियों ने इस पर्व को एक यादगार उत्सव में तब्दील कर दिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सभी प्रदेशवासियों को तीज पर्व की शुभकामनाएं दीं और इसे भारतीय संस्कृति की आत्मा बताया। उन्होंने कहा कि तीज केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। इस मौके पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती सुमन सैनी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और तीज प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री सैनी ने अपने संबोधन में महिला सशक्तिकरण पर ज़ोर देते हुए कहा, “जब तक हमारी आधी आबादी यानी महिलाएं समाज निर्माण में पूरी भागीदारी नहीं निभाएंगी, तब तक विकसित भारत का सपना अधूरा रहेगा।” उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार महिलाओं के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है और आगे भी इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
इस अवसर पर राज्यपाल प्रो. अशिम कुमार घोष की धर्मपत्नी श्रीमती मित्रा घोष, स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती राव, विधायक शक्ति रानी शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडौली और अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। पारंपरिक हरियाणवी वेशभूषा में सजी महिलाओं ने लोकगीतों और नृत्य से समां बांध दिया।
कार्यक्रम की खास बात रही ‘कोथली परंपरा’, जिसमें मुख्यमंत्री ने महिलाओं को पारंपरिक कोथली भेंट की। साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि तीज पर्व को पेड़ लगाने जैसे कार्यों से जोड़ना आज की आवश्यकता है। “सावन की हरियाली तभी लौटेगी जब हम प्रकृति से प्रेम करेंगे,” उन्होंने कहा।
हरियाणा में तीज पर्व को सांस्कृतिक उत्सव के रूप में मनाने की यह पहल प्रदेश की परंपराओं को न केवल जीवित रखेगी, बल्कि नई पीढ़ी को भी अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करेगी।
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