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हरियाणा में 28 फरवरी तक लागू होंगे तीन नए आपराधिक कानून: सीएम नायब सैनी

चंडीगढ़,11 फरवरी। हरियाणा में 28 फरवरी तक तीन नए आपराधिक कानून लागू करने की तैयारियां जोरों पर हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस संबंध में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। ये तीन नए कानून—भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम— औपनिवेशिक युग की भारतीय दंड संहिता (IPC), दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 की जगह लेंगे।

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नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि 28 फरवरी तक ये कानून हरियाणा में पूरी तरह लागू हो जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पुलिस और न्यायिक अधिकारियों को उचित प्रशिक्षण दिया जाए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस थानों को हाई-स्पीड इंटरनेट सुविधाओं से लैस किया जाना चाहिए, ताकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश होने और गवाही देने की प्रक्रिया सुचारु रूप से हो सके। इसके अलावा, “जीरो एफआईआर” की निगरानी प्रणाली को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए, जिससे पीड़ितों को त्वरित न्याय मिल सके।

 

फोरेंसिक सुविधाएं होंगी मजबूत

बैठक में मुख्यमंत्री ने फोरेंसिक मोबाइल वैन की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में हरियाणा में 23 फोरेंसिक मोबाइल यूनिट्स कार्यरत हैं, जिन्हें 40 तक बढ़ाने की योजना है।

 

गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (CCTNS) के साथ पूरी तरह से एकीकृत किया गया है, जिससे अपराधों की जांच और मुकदमे की प्रक्रिया को तेज किया जा सके।

 

डिजिटल रिकॉर्डिंग और ई-समन की सुविधा

हरियाणा पुलिस महानिदेशक (DGP) शत्रुजीत कपूर ने बताया कि “ई-साक्ष्य” ऐप के जरिए आपराधिक मामलों में सभी साक्ष्य डिजिटल रूप में दर्ज किए जा रहे हैं। वर्तमान में लगभग 60% मामलों में ई-समन जारी किए जा रहे हैं, जिसे 28 फरवरी तक बढ़ाने के प्रयास जारी हैं।

 

उन्होंने यह भी बताया कि 77% आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया है, जिससे समय और लागत दोनों की बचत हुई है।

 

समीक्षा बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

मुख्यमंत्री की इस महत्वपूर्ण बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव विवेक जोशी, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टी.वी.एस.एन. प्रसाद और डीजीपी शत्रुजीत कपूर सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

 

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