चंडीगढ़, 22 जुलाई 2025 — हरियाणा सरकार की सख्ती और प्रतिबद्ध प्रयासों का असर अब साफ दिखने लगा है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री आरती सिंह राव के निर्देश पर राज्य में लिंगानुपात सुधारने के लिए टास्क फोर्स (STF) की साप्ताहिक समीक्षा बैठकों ने ज़ोर पकड़ लिया है। हाल ही में आयोजित बैठक में खुलासा हुआ कि हरियाणा का लिंगानुपात अब सुधरकर 917 तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय प्रगति है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैठक की अध्यक्षता महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं (DGHS) मनीष बंसल ने की। उन्होंने अधिकारियों को अवैध गर्भपात पर सख्त निगरानी रखने और दोषियों के खिलाफ लाइसेंस रद्द करने जैसी दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। राज्य में अब तक कुल 690 रिवर्स ट्रैकिंग की जा चुकी है, जिनमें से सबसे अधिक मामले अंबाला से सामने आए हैं। इस अभियान के तहत 18 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 13 अन्य प्रक्रियाधीन हैं।
विशेष निगरानी उन मामलों पर की जा रही है, जहां महिलाएं पहले से एक या अधिक बेटियों की मां हैं और गर्भपात कराया गया हो। राज्य ने मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी (MTP) और 12 सप्ताह से अधिक के गर्भपात मामलों में गहन निगरानी का निर्देश दिया है। कई निजी अस्पतालों व क्लीनिकों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं।
डीजीएचएस (पी) कुलदीप सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्भपात की सूचना मिलने के 24 घंटे के भीतर रिवर्स ट्रैकिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने तीन माह के भीतर सभी MTP मामलों का डेटा मांगा है और कहा कि पीआईजीटी (Pre-implantation Genetic Testing) मामलों में 5 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
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