चंडीगढ़, 13 फरवरी: हरियाणा सरकार ने अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाते हुए एक विशेष जांच अभियान चलाया, जिसके तहत राज्यभर में 3,950 स्थानों पर छापेमारी की गई। इस कार्रवाई के दौरान अवैध खनन में संलिप्त 324 वाहनों को जब्त किया गया, जिससे सरकार को करीब 1.37 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
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खनन एवं भूविज्ञान विभाग ने अवैध खनन गतिविधियों की निगरानी के लिए ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया, जिससे अवैध खनन करने वालों की पहचान करना आसान हुआ। इसके अलावा, विभाग ने अवैध खनन में लिप्त लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जुर्माना भी वसूल किया।
यमुनानगर जिले में सबसे अधिक कार्रवाई
यमुनानगर जिले के भगवापुर गांव में अवैध खनन की शिकायत पर विभाग ने तुरंत कार्रवाई की। जांच में पाया गया कि करीब 2 एकड़ भूमि पर अवैध रूप से बोल्डर, ग्रेवल, रेत और मिट्टी का खनन किया गया था। इस पर विभाग ने ₹65,37,732 का जुर्माना लगाया और 11 फरवरी 2025 को एफआईआर दर्ज की।
यमुनानगर जिले में जनवरी से 10 फरवरी तक अवैध खनन में 123 वाहन जब्त किए गए और 116 एफआईआर दर्ज की गईं।
अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी
खनन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन से राज्य को राजस्व की हानि होती है और पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचता है। इसलिए विभाग राज्यभर में नियमित रूप से निरीक्षण अभियान चला रहा है ताकि किसी भी तरह की अवैध गतिविधि पर रोक लगाई जा सके।
खनन विभाग के उच्चाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। सरकार का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों का न्यायोचित दोहन सुनिश्चित करना और अवैध खनन पर पूरी तरह अंकुश लगाना है।
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