चंडीगढ़, 12 दिसंबर (गर्ग) – हरियाणा और पंजाब के खनौरी बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन को नया मोड़ देते हुए भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने इस आंदोलन को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है। टिकैत ने कहा कि वह शुक्रवार को खनौरी बॉर्डर पर पहुंचकर आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल से मुलाकात करेंगे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
आंदोलन को मिलेगा नया बल
राकेश टिकैत के खनौरी बॉर्डर आंदोलन में शामिल होने से यह आंदोलन और मजबूत हो सकता है। उनके साथ BKU-लाखोवाल के प्रमुख हरेंद्र सिंह लाखोवाल, हरियाणा इकाई के अध्यक्ष रतनमान और अन्य किसान जत्थेबंदियों के नेता भी इस आंदोलन का समर्थन करने पहुंचेंगे।
MSP गारंटी और अधूरी मांगें
किसानों का यह आंदोलन मुख्य रूप से एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) को गारंटी कानून का दर्जा देने की मांग को लेकर चल रहा है। राकेश टिकैत ने कहा, “जब केंद्र सरकार तीन कृषि कानून लेकर आई थी, तो देश के किसानों ने एकजुट होकर उनका विरोध किया और आंदोलन के चलते सरकार को कानून वापस लेना पड़ा। लेकिन एमएसपी और अन्य लंबित मुद्दों पर अभी भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।”
किसान नेता डल्लेवाल आमरण अनशन पर
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल पिछले 15 दिनों से आमरण अनशन पर हैं। उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को लेकर किसानों में गहरी चिंता है। टिकैत ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ डल्लेवाल की नहीं, बल्कि पूरे देश के किसानों की है। उन्होंने कहा कि खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता एकजुट होकर आगे की रणनीति तय करेंगे।
संयुक्त किसान मोर्चा की भूमिका
हालांकि संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और इसके घटक संगठन इस आंदोलन से अब तक दूरी बनाए हुए थे, लेकिन BKU के समर्थन के बाद आंदोलन को और बल मिलने की उम्मीद है। टिकैत ने कहा कि किसानों की मांगों को अनदेखा करना सरकार की बड़ी भूल होगी।
केंद्र सरकार से अपील
किसानों ने सरकार से अपील की है कि एमएसपी गारंटी कानून को लागू करने, आंदोलनरत किसानों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और किसानों की अन्य मांगों को पूरा करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
Pratham Tehelka Pratham Tehelka News
