Sunday , 26 July 2026
हरियाणा के गैर एनसीआर जिलों में स्थित ईंट भट्टों में धान की पराली आधारित बायोमास पेलेट का उपयोग अनिवार्य: राजेश नागर

हरियाणा के गैर एनसीआर जिलों में स्थित ईंट भट्टों में धान की पराली आधारित बायोमास पेलेट का उपयोग अनिवार्य: राजेश नागर

चंडीगढ़, 3 जुलाई 2025 – हरियाणा सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य के गैर-एनसीआर जिलों में स्थित सभी ईंट भट्टों में धान की पराली आधारित बायोमास पेलेट के उपयोग को अनिवार्य कर दिया है। यह निर्णय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा जारी आदेश के तहत लिया गया है। इसके बाद खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने अम्बाला, फतेहाबाद, हिसार, कैथल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला, सिरसा एवं यमुनानगर जिलों को त्वरित अनुपालन हेतु निर्देश जारी किए हैं।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

एनसीआर क्षेत्रों में पहले से ही बायोमास ईंधन का उपयोग अनिवार्य था, अब यह नियम गैर-एनसीआर जिलों में भी लागू हो गया है। इस पहल का उद्देश्य पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकना और धान पराली का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री श्री राजेश नागर ने बताया कि ईंट भट्टों में बायोमास पेलेट का उपयोग चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा। 1 नवंबर 2025 से कम से कम 20% सम्मिश्रण से शुरुआत होगी, जो 1 नवंबर 2028 तक बढ़ाकर 50% किया जाएगा।

बायोमास पेलेट ठोस ईंधन होते हैं, जो लकड़ी, कृषि अवशेषों को छोटे बेलनाकार रूप में परिवर्तित करके बनाए जाते हैं। यह कोयले के मुकाबले पर्यावरण के लिए बेहतर विकल्प है और प्रदूषण कम करता है।

About webadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *