Friday , 11 September 2026

सोमवती अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, पितरों का तर्पण और पिंडदान

कुरुक्षेत्र। वर्ष 2024 की आखिरी सोमवती अमावस्या के शुभ अवसर पर सोमवार को कुरुक्षेत्र के पवित्र ब्रह्मा सरोवर में हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने अपने पितरों का तर्पण और पिंडदान कर पुण्य अर्जित किया। इस अवसर पर जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (केडीबी) ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए पुख्ता इंतजाम किए।

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श्रद्धालुओं की भावनाएं

राजस्थान से आए श्रद्धालु महेश तिवारी ने बताया, “हम पितरों का तर्पण और पिंडदान करने के लिए यहां आए हैं। प्रशासन और ब्राह्मणों का हमें पूरा सहयोग मिला। यहां की व्यवस्था काफी अच्छी है और कोई परेशानी नहीं हुई।”

 

प्रशासनिक तैयारी

टूरिस्ट पुलिस अधिकारी पवन शर्मा ने बताया कि पुलिस प्रशासन, केडीबी, और जिला प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा, “श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए पूरे पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हर जगह पुलिस बल तैनात है, और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।”

 

दान और धार्मिक महत्व

तीर्थ पुरोहित राजेश गोस्वामी ने सोमवती अमावस्या के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “सोमवती अमावस्या का दिन दान और पितृ कार्यों के लिए अत्यंत शुभ होता है। इस दिन दान करने से जीवन में सुख-शांति और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।” उन्होंने यह भी बताया कि पौराणिक कथा के अनुसार, पांडवों के समय सोमवती अमावस्या नहीं आई थी, जिसके कारण युधिष्ठिर ने इसे श्राप दिया था कि कलयुग में यह तिथि जल्दी-जल्दी आएगी।

 

केडीबी की भूमिका

कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के कर्मचारी राजेश हुडा ने बताया, “श्रद्धालुओं की सुविधा और यात्रा को सुगम बनाने के लिए ब्रह्मा सरोवर और आसपास के क्षेत्रों में सफाई, जल व्यवस्था, और अन्य जरूरी इंतजाम किए गए हैं। यह सुनिश्चित किया गया है कि श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो।”

 

सुरक्षा और व्यवस्था पर विशेष ध्यान

ब्रह्मा सरोवर और अन्य तीर्थ स्थलों पर भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया। सरोवर के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाए गए, और नावों के जरिए जल क्षेत्र में निगरानी रखी गई।

 

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