एक बेटी को जन्म देने पर ससुराल वालों ने अपनी बहु को छोड़ दिया मामला अम्बाला शहर के सुंदर नगर का है। गुलविंदर चौहान नामक महिला ने अपनी तीन वर्षीय बेटी के भविष्य को देखते हुए पुलिस से न्याय की मांग की है महिला ने अपने ससुराल वालों पर आरोप लगाया है कि उसके ससुराल वाले उसे मायके ये कह कर छोड़ गए की जब बेटा हो तब आना। लेकिन जब उसने एक बेटी को जन्म दिया तो वो लोग उसे लेने नहीं आए।
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शहर के सुंदर नगर की रहने वाली गुलविंदर चौहान अपनी तीन वर्षीय बेटी के भविष्य के प्रति चिंतित नजर आ रही है। उसका कहना है कि पहले 2010 में उसकी शादी नंगल (पंजाब) में हुई थी और उसे जब पति के मानसिक रोगी होने का पता चला तो उसने तालाक ले लिया। उसके बाद उसकी शादी संडौरा में तय हो गई और 7 सितंबर को कुछ शर्तों के तय होने पर वे दिनेश के साथ परिणय सूत्र में बांध गई। जब वे प्रेग्नेंट हुई तो उसके ससुराल वालों को पता चला तो उसका अल्ट्रा साउंड से गर्भ में बेटी का पता चला तो उसे वे मायके छोड़ गए और बोले जब बेटा होगा तो आना।
गुलविंदर ने रोते हुए बताया कि आखिर जब उसके बेटी हुई तो सुचना देने पर उसके ससुराल वाले नहीं आये। उसका कहना है कि आखिर उसने इन्साफ पाने के लिए अम्बाला के पुलिस अधीक्षक को न्याय के लिए प्रार्थना की और उन्होंने मामला की जाँच महिला पुलिस थाने को भेज दी। लेकिन महिला पुलिस अधिकारी उसकी बात सुनकर न्याय दिलाते बजाये इसके उसे समझौता कागजों पर हस्ताक्षर का दबाव बनाने लग गए। उसका आरोप है इस सारे फसाद की जड़ उसकी जेठानी है। पीड़िता का आरोप है कि अपनी सियासी पहुँच के चलते उसका पति कोई कार्रवाई नहीं होने देता।
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