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‘वंदे मातरम्’ विवाद पर हरियाणा में कांग्रेस के खिलाफ भाजपा का प्रदर्शन, 27 जिलों में निकला कैंडल मार्च

वंदे मातरम् विवाद पर हरियाणा भाजपा का कांग्रेस पर हमला, 27 जिलों में कैंडल मार्च

चंडीगढ़, 16 अगस्त। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण गायन को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब हरियाणा तक पहुंच गया है। भाजपा ने कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के सम्मान और स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए रविवार शाम प्रदेश के सभी 27 संगठनात्मक जिलों में कैंडल मार्च निकाला।

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भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के आह्वान पर आयोजित इन कार्यक्रमों में पार्टी के जिलाध्यक्ष, जिला प्रभारी, विधायक-सांसद सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। भाजपा ने इसे राष्ट्रगीत की गरिमा और देश के स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के सम्मान में अपना शांतिपूर्ण विरोध बताया।

‘वंदे मातरम्’ सिर्फ गीत नहीं, राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक

डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रभक्ति की भावना से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौर में इस गीत ने देशवासियों में राष्ट्र के लिए त्याग और संघर्ष की भावना को मजबूत किया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान सामने आए घटनाक्रम ने देशवासियों की भावनाओं को आहत किया है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने और यदि राष्ट्रगीत के सम्मान में कोई कमी हुई है तो देश से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।

सोनिया गांधी, खड़गे और राहुल गांधी पर साधा निशाना

डॉ. अर्चना गुप्ता ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी का नाम लेते हुए कहा कि शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में हुए कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस को देश के सामने अपना स्पष्ट पक्ष रखना चाहिए।

हालांकि, इस पूरे विवाद पर कांग्रेस की ओर से भाजपा के आरोपों को खारिज किया गया है। कांग्रेस का कहना है कि कार्यक्रम में सोनिया गांधी की कथित आपत्ति को लेकर भाजपा जिस तरह से मामला पेश कर रही है, वह वास्तविक स्थिति से अलग है। इसी वजह से ‘वंदे मातरम्’ का मुद्दा अब भाजपा और कांग्रेस के बीच एक नए राजनीतिक टकराव का कारण बन गया है।

150 साल पूरे होने पर ‘वंदे मातरम्’ को लेकर देशभर में कार्यक्रम

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2026 में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में इसके ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व को लेकर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में राष्ट्रगीत के सम्मान से जुड़ा कोई भी विवाद गंभीर विषय है।

उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से ‘वंदे मातरम्’ को कानूनी संरक्षण देने के लिए किए गए कदम का भी उल्लेख किया। संसद ने 2026 में Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Bill पारित किया है, जिसके तहत ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानून के दायरे में लाया गया है। इसके तहत जानबूझकर इसके गायन में बाधा डालने या गायन में जुटी सभा में व्यवधान पैदा करने जैसे कृत्यों को दंडनीय बनाया गया है।

27 जिलों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध

हरियाणा भाजपा के अनुसार प्रदेश के सभी 27 संगठनात्मक जिलों में कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। पार्टी नेताओं ने कहा कि इन कार्यक्रमों के जरिए भाजपा ने बिना किसी हिंसक या उग्र प्रदर्शन के लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया।

डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा और स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रभक्ति से जुड़े प्रतीकों के सम्मान को राजनीतिक विवाद से ऊपर रखा जाना चाहिए।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कांग्रेस नेतृत्व से अपील की कि वह इस पूरे मामले पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर देश के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करे। उन्होंने कहा कि भाजपा राष्ट्रगीत, राष्ट्रीय प्रतीकों और देश के वीर बलिदानियों की स्मृति के सम्मान के लिए लगातार अपनी आवाज उठाती रहेगी।

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