नई दिल्ली, 15 अप्रैल 2025: गुरुग्राम लैंड डील केस को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई एक बार फिर सुर्खियों में है। रॉबर्ट वाड्रा, जो कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के पति हैं, को सोमवार को ईडी द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। समन मिलने के बाद वाड्रा पैदल ही ईडी दफ्तर की ओर रवाना हुए, जिसे एक राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ED की जांच का फोकस क्या है?
यह मामला स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी नाम की कंपनी से जुड़ा है, जो वाड्रा की बताई जाती है। आरोप है कि इस कंपनी ने फरवरी 2008 में ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से 3.5 एकड़ जमीन 7.5 करोड़ रुपये में खरीदी और कुछ समय बाद उसे डीएलएफ को 58 करोड़ रुपये में बेच दिया।
ईडी को संदेह है कि यह ट्रांजेक्शन मनी लॉन्ड्रिंग का हिस्सा हो सकता है। इसीलिए जांच एजेंसी इस अप्रत्याशित लाभ और उसमें शामिल पैसों की जांच कर रही है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
जैसे ही वाड्रा ईडी कार्यालय पहुंचे, कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ वहां जमा हो गई। उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इसे ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ करार दिया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मोदी सरकार केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं को टारगेट कर रही है।
रॉबर्ट वाड्रा की प्रतिक्रिया
वाड्रा ने मीडिया से बात करते हुए कहा,
“यह सब एक राजनीतिक साजिश है। मुझे पिछले 20 सालों में 15 बार बुलाया गया है, हर बार 10 घंटे से ज्यादा पूछताछ हुई है और मैंने 23,000 से ज्यादा दस्तावेज़ जमा किए हैं। फिर भी मुझे बार-बार परेशान किया जा रहा है।”
वाड्रा ने अपने समर्थकों का अभिवादन करते हुए विश्वास जताया कि वह किसी भी जांच से डरने वाले नहीं हैं और सच्चाई अंत में सामने आएगी।
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