नई दिल्ली, 23 जून 2025: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को स्पष्ट किया कि वे राज्यसभा नहीं जाएंगे। यह बयान लुधियाना पश्चिम विधानसभा सीट के उपचुनाव में AAP के संजीव अरोड़ा की जीत के बाद आया, जहां राजनीतिक गलियारों में केजरीवाल के राज्यसभा जाने को लेकर कयास लगाए जा रहे थे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!लुधियाना पश्चिम उपचुनाव में AAP के संजीव अरोड़ा ने कांग्रेस के भारत भूषण आशु को करीब 10,000 वोटों के बड़े अंतर से हराकर पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। संजीव अरोड़ा, जो फिलहाल राज्यसभा सांसद हैं, ने विधायक बनने के लिए इस्तीफा दे दिया है, जिससे पंजाब से राज्यसभा की एक सीट खाली हो गई है।
इस जीत के बाद जब आजतक ने केजरीवाल से राज्यसभा जाने की खबरों पर सवाल किया, तो उन्होंने कहा, “राज्यसभा कौन जाएगा यह पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी तय करेगी, लेकिन मैं नहीं जाऊंगा।” केजरीवाल ने साफ किया कि वे राज्यसभा की सीट के लिए नामांकन नहीं करेंगे और पार्टी इस संबंध में निर्णय स्वयं लेगी।
लुधियाना जीत के मायने और आगे की राजनीति
दिल्ली में फरवरी 2025 में मिली हार के बाद यह जीत आम आदमी पार्टी के लिए एक राजनीतिक अवसर लेकर आई है। दिल्ली विधानसभा में 2015 और 2020 में 70 में से 60 से अधिक सीटें जीतने वाली AAP की संख्या इस बार घटकर 22 रह गई। पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से सक्रिय और प्रासंगिक बने रहना एक चुनौती बन गया है। इसी के तहत पार्टी का फोकस पंजाब पर केंद्रित है, जहां 2027 में विधानसभा चुनाव होने की उम्मीद है।
पंजाब में AAP के पास 117 में से 94 सीटें हैं, इसलिए राज्यसभा चुनाव उनके लिए केवल औपचारिकता होगी। संजीव अरोड़ा के इस्तीफे के बाद छह महीने के भीतर पंजाब की इस खाली हुई राज्यसभा सीट को भरना होगा। चुनाव आयोग जल्द ही उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित करेगा।
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