ब्लू व्हेल गेम से हरियाणा के पंचकूला में हुई पहली मौत के बाद पंचकूला पुलिस ने जारी की एडवाइजरी : Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
ए एस चावला
पंचकूला जिले के सभी शिक्षण संस्थानों और पंचकूला के अभिभावकों के लिये की गई एडवाइजरी जारी।
फिलहाल पंचकूला जिले में ही की गयी है एडवाइजरी जारी।
जल्द ही पूरे हरियाणा प्रदेश में भी की जाएगी एडवाइजरी जारी।
कहा की पंचकूला पुलिस द्वारा हरियाणा पुलिस मुख्यालय को भी भेजी जा रही है ब्लू व्हेल गेम को लेकर जारी की गई अडवाइज़री।
न केवल ब्लू व्हेल बल्कि ऐसे अन्य खतरनाक जानलेवा ऑनलाइन गेम्स को लेकर भी स्कूलों और अभिभावकों को जारी की गई जरूरी हिदायतें।
इस एडवाइजरी में लिखा गया है कि ऐसे खेलों के लिंक केवल उन छात्रों व व्यक्तियों के फ़ोन पर आते हैं जो मानसिक रूप से तनावग्रस्त, आत्मविश्वास की कमी से ग्रस्त या जो अपने आप को साबित करने के लिए किसी भी हद को पार करने की कोशिश करते हैं।
शुरुवाती लेवल पर इन खेलों में आसान टास्क दिए जाते हैं पर बाद में खेल के लेवल के बढ़ने के साथ साथ टास्क जानलेवा हो जाते हैं।
शुरुवाती लेवल के आसान टास्क को पूरा करने व गेम खेलने वालों का आत्मविश्वास बढ़ना शुरू हो जाता है जिससे खेलने वाले को ऐसे खेल की बुरी आदत लग जाती है।
वहीं ट्रोजन वायरस इस खेल से संबंधित जानकारियों को डिलीट कर देता है जिससे जांच से संबंधित सभी साक्ष्य खत्म हो जाते हैं।
स्कूलों के लिए जारी एडवाइजरी…….
1. कंप्यूटर शेयरिंग को बढ़ावा दें।
2. अभिभावकों को गेम के प्रति सचेत करना।
3. बच्चों में तनावग्रस्त, अन्य छात्रों से कटा कटा रहना व अन्य दैनिक कार्यों और रिश्तों में अरुचि दिखाना।
4. बच्चों के शरीर पर कट व घाव के निशान की जांच करना व उसका कारण जानना।
अभिभावकों के लिये जारी एडवाइजरी………
1. बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों की निगरानी रखना।
2. घर से बाहर खेलने व अन्य गतिविधियों के लिए बढ़ावा देना।
3. बच्चों में असामान्य व्यवहार को पहचानना जैसे खाना खाने की आदतों में बदलाव, सोने की आदतों में बदलाव, तनावग्रस्त होना, परिवार से कटा कटा रहना या अचानक आक्रामक होना।
4. बच्चों से बातचीत करें।
5. संदेह होने पर तुरंत मनोविज्ञानिक से सलाह लें।
आपको बता दें कि……..
अभी तक की जाँच में आया सामने की 7 बच्चें चंडीगढ़ और 4 बच्चें पंचकूला में ऐसे है जो कि ब्लू व्हेल गेम के अलग अलग स्टेज पर खेल रहे थे।
जिसको लेकर उन सभी बच्चों के परिजनों को इस बारें जानकारी दे दी गयी है।
उनके सभी बच्चों के फ़ोन और टैब को कब्जे में ले कर जांच की जा रही है।
जांच की जा रही है कि उनके पास उस गेम का लिंक कहा से आया।
हालाँकि ट्रोज़न वायरस इस गेम के लिंक के साथ ही डाउनलोड हो जाता है।
और कभी भी गेम खिलाने वाला बैकएंड से इस गेम के लिंक को डिलीट कर सकता है।
और हरियाणा पुलिस मोबाइल के डाटा रिकवरी के लिए गुरुग्राम स्थित हरियाणा पुलिस की साइबर लैब के संपर्क में है।
जिससे डाटा रीकवर होने के बाद इस लिंक के सोर्स तक पहुंचा जा सकेगा।
इस गेम में गेम खेल रहा बच्चा अपने दोस्तों के साथ उस लिंक को शेयर करता है।
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