Wednesday , 28 October 2026
बिहार में वोटर लिस्ट को लेकर सियासी संग्राम

बिहार में वोटर लिस्ट को लेकर सियासी संग्राम: राहुल-तेजस्वी-पप्पू का ‘शक्ति प्रदर्शन‘ आज

बिहार में वोटर लिस्ट की जांच को लेकर सियासत गर्मा गई है। महागठबंधन ने चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया का विरोध करते हुए बुधवार को पूरे राज्य में चक्का जाम और विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। इस विरोध आंदोलन का नेतृत्व कांग्रेस के राहुल गांधी और RJD के तेजस्वी यादव कर रहे हैं, जो ‘दो लड़कों की जोड़ी’ के तौर पर एक साथ मैदान में उतरे हैं। राहुल गांधी आज सुबह 9:30 बजे पटना के इनकम टैक्स गोलंबर से वीरचंद पटेल पथ और शहीद स्मारक होते हुए चुनाव आयोग के कार्यालय तक पैदल मार्च निकालेंगे। वहीं, पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव सचिवालय हॉल्ट पर रेल जाम कर विरोध जताएंगे।

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वोटर लिस्ट की समीक्षा और अंतिम सूची 30 सितंबर को होगी जारी

चुनाव आयोग ने 24 जून को बिहार में वोटर लिस्ट के गहन पुनरीक्षण का आदेश दिया था। अब तक 7 करोड़ 69 लाख मतदाताओं के फॉर्म जमा हो चुके हैं, जो कुल मतदाताओं का 97.42% है। आयोग ने 25 जुलाई तक पूरी जांच प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा है। पहली वोटर लिस्ट 1 अगस्त को जारी होगी, जबकि 1 सितंबर तक दस्तावेज जमा करने वालों को अंतिम सूची में शामिल किया जाएगा। अंतिम वोटर लिस्ट 30 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी।

महागठबंधन ने प्रक्रिया को पक्षपातपूर्ण और जल्दबाजी बताया

महागठबंधन ने चुनाव आयोग की इस कवायद को ‘पक्षपातपूर्ण’ और ‘जल्दबाजी में की गई’ बताया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि वोटर लिस्ट की जांच के नाम पर खास वर्ग को निशाना बनाया जा रहा है। तेजस्वी यादव ने कहा कि मानसून और बाढ़ के कारण वोटर्स तक पहुंचना मुश्किल है, फिर भी इतनी बड़ी संख्या में वोटर वेरिफिकेशन का लक्ष्य ‘अव्यवहारिक’ है। उन्होंने आधार कार्ड, जॉब कार्ड और मनरेगा कार्ड जैसे दस्तावेजों को वेरिफिकेशन में शामिल करने की मांग की। विपक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि बिहार के 4-5 करोड़ प्रवासी मजदूरों की वापसी के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया है।

विपक्ष ने ‘NRC लागू करने की साजिश’ का लगाया आरोप

महागठबंधन ने इस प्रक्रिया को ‘पिछले दरवाजे से NRC लागू करने की साजिश’ करार दिया है और चुनाव आयोग पर NDA के दबाव में काम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने रोजाना वेरिफिकेशन के आंकड़े सार्वजनिक करने की भी मांग की है। इस चक्का जाम और विरोध प्रदर्शन को RJD, कांग्रेस, CPI, CPM, CPI-ML, VIP, पप्पू यादव और AIMIM समेत कई विपक्षी दलों का समर्थन मिला है। जनसुराज के प्रशांत किशोर ने भी इसे ‘वोट बंदी’ कहा है।

चुनाव आयोग का दावा: प्रक्रिया नियमों के अनुसार निष्पक्ष रूप से हो रही है

चुनाव आयोग ने कहा है कि वह नियमों के मुताबिक निष्पक्षता से काम कर रहा है। आयोग ने बताया कि मृतक, स्थानांतरित या पलायन कर चुके मतदाताओं की पहचान कर सूची से हटाया जा रहा है। साथ ही, स्थानीय स्तर पर नाम जोड़ने की भी सुविधा उपलब्ध कराई गई है। विपक्ष ने पहले ही इस मामले में आयोग से बात की है, लेकिन वे संतुष्ट नहीं हैं। अब इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 10 जुलाई को होने वाली है।

पटना से पूर्णिया तक सियासी हलचल तेज, चुनाव से पहले बढ़ा तनाव

वोटर लिस्ट को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी जोरों पर है। तेजस्वी यादव ने इसे कमजोर और गरीब वर्ग के वोटिंग अधिकारों पर हमला बताया, जबकि उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने विपक्ष पर बेवजह हंगामा करने का आरोप लगाया। JDU प्रवक्ता राजीव रंजन ने इसे सियासी ड्रामा बताया है। राहुल गांधी की सक्रियता से कांग्रेस अपनी ताकत दिखाना चाहती है, वहीं तेजस्वी यादव और पप्पू यादव विपक्ष की एकजुटता का संदेश देना चाहते हैं। NDA ने इसे विपक्ष का राजनीतिक स्टंट बताया है। बिहार में चुनाव से पहले राजनीतिक लड़ाई और तेज होने के संकेत स्पष्ट हो रहे हैं।

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