पलवल, 7 अगस्त(सौरभ वर्मा): पलवल जिले के गांव रामगढ़ में पशुओं में फैली बीमारी की वजह से अब तक लगभग तीन दर्जन पशुओं की मौत हो चुकी है। गाँव में लगातार हो रही पशुओं की मौत से पशुपालक काफी परेशान हैं। इसकी सूचना गाँव के सरपंच ने पशु पालन विभाग को दी जिसके बाद सुचना मिलते ही पशुपालन विभाग की उपनिदेशक नीलम आर्य अपने विभाग के पशु विशेषज्ञों की टीम के साथ गाँव का दौरा करने पहुंची और गांव में बीमार पड़े पशुओं का इलाज किया।
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जानकारी के अनुसार जिल के गाँव रामगढ़ में पशुओं में भयंकर बीमारी फेल चुकी है जिसकी वजह से बीते 4 दिनों में लगभग तीन दर्जन पशुओं की मौत हो चुकी है। पशुओं की बीमारी और उनकी मौत से पशुपालक काफी चिंतित हैं। जिससे एकाएक पीड़ित पुशपालकों में कोहराम मच हुआ है। पशु पालकों का कहना है कि गाँव में फैली बीमारी के चलते अब तक तीन दर्जन पशु अपनी जान गवां चुके है। उन्होंने बताया कि गाँव में जिन पशु डाक्टर की ड्यूटी लगाई गई है वह अस्पताल में मिलता ही नहीं है। और पशुओं के इलाज के लिए उन्हें प्राइवेट डाक्टरों का सहारा लेना पड़ता है जोकि काफी महंगा पड़ता है। उन्होंने बताया कि पशुओं में फैली बीमारी से गाँव के सभी पशुपालकों में दहशत व्याप्त है। ग्रामीणों ने बताया की आज उनके गाँव में जिला पलवल पशुपालन विभाग की उपनिदेशक नीलम आर्य गाँव में पहुंची हैं और पशुओं की जाँच कर रही है और उनकी टीम के द्वारा पशुओं को टीके भी लगाए जा रहे हैं।
जब इस बारे में मौके पर पहुंची जिला पलवल के पशु पालन विभाग की उपनिदेशक नीलम आर्य से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में कीचड़ से पशुओं के खुरो में छाले व संक्रमण हो जाता हैं। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि गांव में मवेशियों की बीमारी पूरी तरह से नियंत्रण में हैं। मवेशियों को खुरपका की बीमारी के साथ संक्रमण हैं जो दो तीन दिन बाद ठीक हो जायेगा और गाँव में डाक्टरों की तीन टीमों की ड्यूटियां लगा दी गई हैं जो घर घर जाकर पशुओं की जाँच करेगी और जिस पशु को टीके नहीं लगे हैं उन पशुओं को टीके लगाएगी। उन्होंने बताया की अभी तक जिन पशुओं की मौत हुई है उसके बारे में अभी यह पता नहीं चल पाया है की उनकी मौत किसी बीमारी की वजह से हुई है उन्होंने कहा की जिन पशुओं की मौत हुई है उनका पोस्ट मार्टम करवाया जा रहा है और उनकी जाँच की जाएगी की किस वजह से मौत हो रही है। दवाइयों के बारे में जब बात की तो उन्होंने कहा की कुछ दवाइयां ऐसी हैं जिनको बाहर से मंगवाया जाता है जिनको सरकार नहीं देती है यह कहना है एक अधिकारी का।
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