फरीदाबाद नगर निगम भ्रष्टाचार का गढ़ बनता जा रहा है,,,,,, एक तरफ जहां निगम की माली हालत काफी बिगड़ी हुई है,,,,तो वहीं नगर निगम के कथित रूप से भ्रष्ट अधिकारी ठेकेदारों से मिलीभगत कर नगर निगम के राजस्व को ना केवल करोड़ों का चूना लगा रहे हैं,,,,,, बल्कि अपनी जेबें भरकर भ्रष्टाचार को जन्म भी दे रहे है,,,,,हैरानी की बात यह है कि एक के बाद एक घोटाले उजागर होने पर भी ना तो ऐसे कथित भ्रष्ट अधिकारियों पर कोई कार्यवाही की जा रही है,,,,,, और ना ही ऐसे ठेकेदारों पर,,,,,,दरअसल नगर निगम के पार्षदों ने निगम की वित्त शाखा से जानकारी मांगी कि एक साल में नगर निगम ने किस-किस ठेकेदार को कितनी-कितनी पेमेंट की है,,,,,,,,तथा यह पेमेंट किस-किस काम की एवज में की गई है,,,,, इस पर पार्षदों को जानकारी मिली कि नगर निगम के 10 वार्डों में 50 करोड़ रुपए की पेमेंट एक ठेकेदार की तीन अलग-अलग कंपनियों को कर दी गई,,,,,, जबकि जिस काम की पेमेंट हुई है,उसकी एक ईंट भी वार्डों में नहीं लगी है,,,,, इसके बाद एक और बिल से ज्यादा का 20 करोड़ का भुगतान करने का मामला सामने आया हैं,,,,,, पार्षद दीपक चौधरी ने बताया कि हम इस मामले में निगमायुक्त यश गर्ग से मिले हैं,,,,,, और इस पूरे मामले की जांच की बात कही है,,,,, इस मामले में जांच कमेटी गठित की गई है,,,, परंतु यदि जांच लटकाई गई तो सभी पार्षद गृह मंत्री अनिल विज से मिलेंगे और सारे घोटाले उनके सामने रखेंगे,,,,,
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उन्होने कहा कि पार्षद समय-समय पर किसी भी तरह के भ्रष्टाचार को लेकर हमेशा अपनी आवाज उठाते रहे हैं,,,, तथा हमें उम्मीद है कि निगमायुक्त इस मामले में संज्ञान लेंगे,,,,, नगर निगम में इस तरह के घोटाले हो रहे हैं, उसे लेकर पार्षद पूरी तरह से गंभीर हैं,,,,, और हमने निगमायुक्त से जांच कमेटी में पार्षदों को भी शामिल करने की बात भी कही है,,,,,
बतादें कि लगभग 10 वार्डों में 50 करोड़ के कार्यों का भुगतान एक रसूखदार ठेकेदार को कर दिया गया है,,,, जोकि पूरी तरह से भ्रष्टाचार का प्रमाण है,,,अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से ऐसे कई घोटाले और जांच में उजागर हो सकते हैं,,,,,
जहां सरकार लगातार जीरो टॉलरेंस के दावे करती रहती हैं,,, वहीं फतेहाबाद में भ्रष्टाचार के मामले लगातार उजागर हो रहे हैं,,,,,,, जो कि सरकार के जीरो टॉलरेंस के दावों को फैल करते नजर आते हैं,,,,,,जी हां ताजा मामला अधिकारियों और ठेकेदारों के भ्रष्टाचार का उजागर हुआ हैं,,,,, जिसमें नगर निगम में 70 करोड़ के घोटाले उजागर हुए हैं,,,,,,ऐसे में देखना होगा कि प्रशासन इन अधिकारियों और ठेकेदारों पर क्या कार्रवाई करता हैं
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