सोहना, 1 सितम्बर(सतीश कुमार राघव): गुरुग्राम जिला अदालत की तरफ से जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा अब ऐसे कैदियों को कानून की जानकारी और सहायता दी जायेगी जो जेल के अंदर सजा काट रहे हैं और अपने बचाव में हाईकोर्ट में अपील नहीं कर पाये हैं ।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सोहना के भौंडसी में बनी जिला मॉडर्न जेल में सजा काट रहे कैदियों को कानूनी सहायता देने के लिए एक सर्वे भी कराया जा रहा है, जिसमें ऐसे कैदियों का चयन किया जा रहा है जो पिछले कई सालों से सजा काट रहे हैं और किसी आर्थिक परेशानी या जानकारी के अभाव में अपने पक्ष में उच्च कोर्ट में अपील नहीं कर पाये। ऐसे कैदियों को जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की तरफ से कानूनी सहायता दी जा रही है। इसके लिए जेल के अंदर भी पब्लिक लीगल वॉलियंटियर को भी नियुक्त किया है। वहीं इसके साथ साथ डीएलएसए टीम भी जेल जाकर ऐसे कैदियों की काउंसिलिंग कर रही है।
जानकारी के अनुसार सोहना के भोंडसी में बने जिला कारागार में करीब 2450 कैदी बंद है। वही इसके साथ साथ करीब 700 कैदियों को सजा कोर्ट की तरफ से मुकर्रर करने के बाद उन्हे दोषी करार दे दिया गया है। तो वहीं 1500 कैदी ऐसे है जिनका केस कोर्ट में विचारधीन है। इसमें करीब 45 महिला कैदी है। इसके लिए डीएलएसए की तरफ से सर्वे कराकर ऐसे कैदियों को चयनित किया जा रहा है, जो सजा मिलने के बाद अपने बचाव में उच्च कोर्ट में या फिर हाईकोर्ट में अपील नहीं कर पाये है।
इसका मुख्य उद्देश्य ये है कि भारत के अंदर कानून ये कहता है कि हर एक व्यक्ति का अपना अधिकार है और कानूनी तौर पर वो अपने बचाव में आगे अपील कर सकता है, लेकिन जेल में कुछ ऐसे लोग है जो कानूनी जानकारी के अभाव औऱ आर्थिक परेशानी के चलते आगे अपील नहीं कर पाये।
वही डीएलएसए की तरफ से ऐसे लोगों को वकील भी मुहैया कराये जाते हैं। वही जिला अदालत की तरफ से ये भी अपील की गई है, कि सभी लोगों को ये जानकारी होनी चाहिए कि वो कानून के दायरे में किस तरह अपने अधिकारों का प्रयोग कर सकतेहैं। इसके लिए ही ये सर्वे कराया जा रहा है। अगले 15 दिनों के अंदर इस सर्वे को पूरा कर लिया जायेगा। जिसमें सभी ऐसे कैदियों का भी चयन कर लिया जायेगा, जिन्हें कानूनी सहायता चाहिए।
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