चंडीगढ़, 30 अगस्त। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विमुक्त एवं घुमंतू समाज के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कहा कि इस समुदाय ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपनी मेहनत, कला, संस्कृति और स्वाभिमान को कायम रखा है। मुख्यमंत्री रविवार को चंडीगढ़ स्थित अपने आवास संत कबीर कुटीर में हरियाणा और पंजाब की विभिन्न घुमंतू जातियों के प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय इतिहास में विमुक्त एवं घुमंतू समाज के अनेक वीरों और महापुरुषों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने भाई मक्खन शाह लबाना, भाई लखी शाह बंजारा, भाई निगाहिया और भाई जैता जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों का उल्लेख करते हुए उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि सिकलीगर और बंजारा समाज के कुशल कारीगरों ने युद्ध के समय खालसा फौज के लिए अस्त्र-शस्त्र तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी तरह बंजारा समाज के लोगों ने महाराणा प्रताप के संघर्ष के दौरान रसद पहुंचाने में योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने इन योगदानों को देश के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
‘क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट’ का भी किया जिक्र
सीएम सैनी ने कहा कि घुमंतू समाज की वीरता और देशभक्ति का इतिहास पुराना है। उन्होंने ब्रिटिश शासन के दौरान 1871 में लागू किए गए क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट का जिक्र करते हुए कहा कि इस कानून ने कई समुदायों को जन्मजात अपराधी के रूप में कलंकित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद 31 अगस्त 1952 को इस कानून को समाप्त किया गया और इसी ऐतिहासिक दिन को विमुक्ति दिवस के रूप में याद किया जाता है। उन्होंने कहा कि केवल इस दिवस को मनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जिन अधिकारों और अवसरों से समाज वंचित रहा, उन्हें सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
702 घुमंतू परिवारों को प्लॉट आवंटित
मुख्यमंत्री ने सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हरियाणा में 1.60 लाख परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध करवाए गए हैं। उन्होंने बताया कि करनाल, पलवल और रोहतक में 702 घुमंतू परिवारों को प्लॉट आवंटित किए गए हैं। उन्होंने इसे जरूरतमंद परिवारों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। सीएम ने डॉ. आंबेडकर आवास नवीनीकरण योजना का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, मकान मरम्मत के लिए दी जाने वाली सहायता को 30 हजार रुपये से बढ़ाकर 80 हजार रुपये किया गया है और इससे 85,815 परिवारों को 416 करोड़ रुपये की सहायता मिली है।
500 रुपये में गैस सिलेंडर का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों को 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है और इससे 15 लाख से ज्यादा महिलाओं को लाभ मिलने की बात कही। वहीं मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत बेटियों के विवाह के लिए 3.85 लाख परिवारों को 1,523 करोड़ रुपये की शगुन राशि दिए जाने की जानकारी भी उन्होंने साझा की।
शिक्षा को बताया बदलाव की सबसे बड़ी ताकत
घुमंतू समाज के प्रतिनिधियों से मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, माता-पिता को अपने बच्चों की पढ़ाई नहीं रोकनी चाहिए। सरकार की शिक्षा संबंधी योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को 12वीं कक्षा तक मुफ्त किताबें, वर्दी और स्टेशनरी उपलब्ध कराई जा रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निशुल्क कोचिंग तथा डॉ. आंबेडकर मेधावी छात्रवृत्ति योजना के तहत 8 हजार से 12 हजार रुपये तक की छात्रवृत्ति दिए जाने की भी जानकारी उन्होंने दी। मुख्यमंत्री ने युवाओं से पढ़ाई के साथ हुनर सीखने और खेलों में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने नशे से दूर रहने और अपने परिवार के सपनों को पूरा करने की अपील भी की। उन्होंने प्रतिनिधियों से कहा कि वे सरकार की योजनाओं की जानकारी समाज के अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचाएं, ताकि पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ मिल सके और घुमंतू समाज सामाजिक एवं आर्थिक रूप से मजबूत हो।
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