चंडीगढ़: शंभू बॉर्डर पर 13 फरवरी से धरना दे रहे किसानों ने एक बार फिर दिल्ली कूच का ऐलान किया है। किसानों की मांगों को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। इससे पहले 6 और 8 दिसंबर को किसानों ने दिल्ली कूच की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें रोक दिया गया। वहीं, खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल आमरण अनशन पर बैठे हैं।
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हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए किसानों से सुप्रीम कोर्ट की बात मानने की अपील की। विज ने कहा, “किसानों और सुप्रीम कोर्ट के बीच बातचीत चल रही है। ऐसे में किसानों को कोर्ट की बात मान लेनी चाहिए। इससे समाधान निकल सकता है।”
प्रियंका गांधी पर साधा निशाना
इस दौरान अनिल विज ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। विज ने आरोप लगाया कि जो कांग्रेसी संविधान की लाल किताब लेकर घूम रहे हैं, उन्हें आपातकाल के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा किए गए संविधान संशोधनों को नहीं भूलना चाहिए।
विज ने कहा, “बाबा साहेब अंबेडकर ने जिस संविधान की रचना की, उसमें धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद जैसे शब्द नहीं थे। इंदिरा गांधी ने अपने कार्यकाल में संविधान के मूल स्वरूप के साथ छेड़छाड़ की और इसे घायल किया। उस समय संविधान पर लोकतंत्र के खून का दाग लगा।”
किसान आंदोलन जारी
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने सरकार के रवैये के खिलाफ आमरण अनशन शुरू किया है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। किसानों की मुख्य मांग एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की गारंटी और कृषि कानूनों से जुड़े अन्य मुद्दे हैं।
अनिल विज के बयान और प्रियंका गांधी पर की गई टिप्पणी के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इस मुद्दे पर विभिन्न दलों और नेताओं की प्रतिक्रियाएं आना बाकी हैं।
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