आयुष विभाग रेवाडी की ओर से बुधवार सैक्टर-4 स्थित हुड्डा डिस्पैंसरी पंचकर्म केन्द्र में मर्म चिकित्सा कैम्प का आयोजन किया गया। शिविर में 200 से अधिक मरीजों का रजिस्ट्रेशन कर उनकी जांच की गयी और मर्म चिकित्सा के लिए मरीजों का चयन किया गया। इस कैम्प में नजफगढ के चौधरी ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेदिक चरक संस्थान से पहुंचे। इस दौरान डा. गौरव फुल्ल (एमएस आयुर्वेदा) और उनकी टीम द्वारा विभिन्न रोगों का ईलाज किया गया। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डा. अजीत सिंह ने यह बताया कि शिविर का उदेश्य लोगों को आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के बारे में जागरूक करना है। वहीं आयुर्वेद अधिकारी ने बताया की जिला उपायुक्त पंकज के मार्गदर्शन में इस कैम्प का आयोजन किया जा रहा है ताकि लोग इस पद्धति को समझकर इलाज़ ले सके।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कैंप में मुख्य रूप से गर्दन दर्द, सरवाईकल, कन्धे का दर्द, कमर दर्द, सियाटिका, हाथ पैरों का सुनापन, डिस्क की समस्या, घुटनों का दर्द, ऐड्डी का दर्द, सिर दर्द, चक्कर आना, लकवा आदि का ईलाज मर्म चिकित्सा तथा कपिंग थैरपी व अग्रि कर्म द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने बताया की यह पद्धति एक्सूप्रेसर से भी प्राचीन है मानव शरीर में कुल 107 मर्म पॉइंट होते है जिन्हे दबाकर बीमारी का इलाज़ किया जाता है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया है कि उपरोक्त बिमारी से ग्रस्त रोगी इस कैम्प का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठा सकते है। वहीं शिविर में आये मरीजों को अव्यवस्था का सामना करना पड़ा उनका कहना था कि रजिस्ट्रेशन नंबर्स के अनुसार मरीजों को नहीं देखा जा रहा है। जिन मरीजों ने दो-तीन दिन पहले रजिस्ट्रेशन कराया था उन्हें देखने की बजाय आज हुए रजिस्ट्रशन वाले मरीजों को देखा जा रहा है फिर पहले रजिस्ट्रेशन कराने का क्या फायदा हुआ।
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