नई दिल्ली, 4 जनवरी: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 की दहलीज पर कांग्रेस की ओर से एक बड़ा बयान सामने आया है। कांग्रेस उम्मीदवार अलका लांबा ने दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) दोनों पर जोरदार हमला करते हुए दावा किया कि दिल्ली में प्रदूषण, अपराध और शासन जैसे मुद्दों से निपटने के लिए उनकी पार्टी ही एकमात्र ‘विकल्प’ है। लांबा, जो कालकाजी सीट से सीएम आतिशी के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं, ने एएनआई से विशेष बातचीत में कांग्रेस पार्टी के रोडमैप और उपलब्धियों पर जोर दिया।
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प्रदूषण पर कांग्रेस का रोडमैप
लांबा ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण की समस्या को लेकर कांग्रेस के पास ठोस योजना है। उन्होंने दिल्ली की हालात पर चिंता जताते हुए कहा, “दिल्ली की हवा जहरीली हो गई है। बुजुर्ग और बच्चे अस्वस्थ हैं, और प्रदूषण एक महामारी का रूप ले सकता है। हम अस्थायी उपायों के बजाय स्थायी समाधान पेश करेंगे।” उन्होंने कांग्रेस के प्रदूषण से निपटने के रोडमैप की ओर इशारा करते हुए कहा कि पार्टी के पास इसके लिए पहले से तैयार योजनाएं हैं।
कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की योजनाएं
लांबा ने कांग्रेस की अन्य राज्य सरकारों की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया, “कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकारें महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा, 2000-2500 रुपये की आर्थिक मदद जैसे फायदे दे रही हैं। यह कदम सीधे तौर पर महिलाओं के जीवन को बेहतर बना रहे हैं।” उनका कहना था कि ये योजनाएं राज्य के लोगों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुंचा रही हैं, और दिल्ली में भी कांग्रेस इसी तरह की योजनाएं लागू करेगी।
कांग्रेस की शक्ति और अनुभव
कांग्रेस उम्मीदवार ने पार्टी की 140 साल पुरानी विरासत को याद करते हुए कहा, “कांग्रेस पार्टी सत्ता में भी रही है और विपक्ष में भी। अगर शीला दीक्षित जी ने फ्लाईओवर नहीं बनाए होते, तो आज दिल्ली की सड़कों पर जाम की समस्या और ज्यादा गंभीर होती।” लांबा ने दिल्ली के प्रदूषण और अन्य मुद्दों को लेकर कांग्रेस के अनुभव को अहम बताया और कहा कि पार्टी के पास दिल्ली के स्थायी समाधान के लिए ठोस योजनाएं हैं।
‘अस्थायी मुख्यमंत्री’ पर विवाद
लांबा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने केजरीवाल पर आरोप लगाया कि उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद पर बैठी महिला नेताओं का अपमान किया है। “यह मेरा पांचवां चुनाव है और 30 साल के राजनीतिक जीवन में मैंने कभी नहीं सोचा था कि कोई संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को ‘अस्थायी’ कहेगा। यह न केवल दिल्ली के मुख्यमंत्री का अपमान है, बल्कि एक महिला का भी अपमान है।” लांबा का इशारा उस बयान की ओर था, जिसमें केजरीवाल ने आतिशी को ‘अस्थायी मुख्यमंत्री’ कहा था।
दिल्ली में कांग्रेस, AAP और BJP के बीच तीखी प्रतिस्पर्धा
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के करीब आते ही तीन प्रमुख पार्टियों – कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और भाजपा – के बीच घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने AAP और BJP दोनों को निशाने पर लेते हुए दावा किया कि दिल्ली में सत्ता विरोधी लहर है और कांग्रेस ही इस लहर का नेतृत्व कर रही है।
आखिरकार, लांबा ने कहा कि दिल्ली की जनता को अस्थायी नहीं, स्थायी समाधान चाहिए और कांग्रेस पार्टी ही इस दिशा में काम करने के लिए तैयार है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव फरवरी 2025 में होने हैं, और उम्मीद की जा रही है कि चुनाव की तारीखों की घोषणा जल्द की जाएगी। इस चुनावी घमासान में कांग्रेस ने अपनी ताकत को साबित करने के लिए पूरी तैयारी कर ली है, और अलका लांबा की यह चुनौती आगामी चुनावों में अहम मोड़ पर हो सकती है।
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