चंडीगढ़,3 अक्टूबर। सामाजिक कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज ने अपने ट्रांजिस्ट रिमांड के खिलाफ पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में दायर याचिका को बुधवार को वापस ले लिया है। मामले में सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले से जुड़े सभी आरोपियों की याचिका पहले ही खारिज कर चुका है। इसलिए हाईकोर्ट को इस मामले में किसी तरह के आदेश जारी करने की जरुरत नहीं है।
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सरकारी पक्ष को सुनने के बाद सुधा भारद्वाज के वकील ने हाईकोर्ट से अपनी याचिका वापस लेने का आग्रह किया, जिसे हाईकोर्ट ने मंजूरी दे दी। वहीं हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत अब पुलिस किसी भी तरह की कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है। महाराष्ट्र पुलिस ने 31 दिसंबर 2017 को आयोजित एलगार परिषद की बैठक के बाद पुणे के कोरेगांव-भीमा गांव में हुई हिंसा की घटना की जांच के सिलसिले में कई जगह छापे मारने के बाद तेलुगू कवि वरवरा राव, वेरनान गोन्साल्विज, अरूण फरेरा, सुधा भारद्वाज और गौतम नवलखा को गिरफ्तार किया था।
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