भिवानी। भिवानी की डाबर कॉलोनी में एक घर के पास उस समय हड़कंप मच गया, जब लोगों को कोबरा जैसा दिखने वाला काला सांप दिखाई दिया। सूचना मिलने के बाद गौ रक्षा दल की टीम मौके पर पहुंची और करीब 15 से 20 मिनट की मशक्कत के बाद सांप का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रेस्क्यू के बाद सामने आया कि यह सांप कोबरा नहीं, बल्कि ब्लैक हेडेड रॉयल स्नेक प्रजाति का है। गौ रक्षा दल के मुताबिक यह सांप देखने में कोबरा जैसा लगता है और इसका रंग भी काला होता है, लेकिन इसमें जहर नहीं होता।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची टीम
गौ रक्षा दल भिवानी के प्रधान संजय परमार ने बताया कि टीम को सूचना मिली थी कि डाबर कॉलोनी में कोबरा सांप दिखाई दिया है। सूचना मिलते ही टीम के सदस्य रविंद्र और कुकी परमार मौके पर पहुंचे।
मौके पर पहुंचकर जब सांप को देखा गया तो उसकी पहचान कोबरा के तौर पर नहीं हुई। संजय परमार के अनुसार, यह ब्लैक हेडेड रॉयल स्नेक था, जो अपने काले रंग और बनावट के कारण कोबरा जैसा दिखाई देता है।
कोबरा से अलग है यह सांप
संजय परमार ने बताया कि ब्लैक हेडेड रॉयल स्नेक और कोबरा को लेकर लोगों में भ्रम हो सकता है। उनके अनुसार इस प्रजाति के सांप में जहर नहीं होता और यह कोबरा की तरह फन भी नहीं उठाता।
उन्होंने कहा कि इस तरह के सांप बहुत कम देखने को मिलते हैं। ऐसे में सांप को देखते ही घबराने या उसे मारने के बजाय विशेषज्ञों या संबंधित विभाग को सूचना देनी चाहिए।
15-20 मिनट में किया गया रेस्क्यू
गौ रक्षा दल की टीम ने सांप को करीब 15 से 20 मिनट में सुरक्षित पकड़ लिया। बताया गया कि सांप की लंबाई लगभग 3 से 4 फीट थी।
रेस्क्यू के बाद सांप को सुरक्षित स्थान पर छोड़े जाने की तैयारी की गई। टीम का कहना है कि उनका उद्देश्य सांप समेत अन्य जीव-जंतुओं को बचाना है और सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू में मदद करती है।
‘हर काले सांप को कोबरा न समझें’
संजय परमार ने लोगों से अपील की कि हर काले रंग के सांप को कोबरा न समझें। उन्होंने कहा कि किसी भी सांप को मारना उचित नहीं है। सांप भी प्रकृति और पर्यावरण का हिस्सा हैं, इसलिए उन्हें सुरक्षित बचाने का प्रयास किया जाना चाहिए।
उन्होंने लोगों से अपील की कि घर या आसपास सांप दिखाई देने पर उसे पकड़ने या मारने की कोशिश न करें। इसकी सूचना डायल 112 के माध्यम से दी जा सकती है और वन्यजीव विभाग या फायर ब्रिगेड की मदद ली जा सकती है। जरूरत पड़ने पर स्थानीय रेस्क्यू टीम से भी सहायता ली जा सकती है।
जंगल में छोड़ा जाएगा सांप
रेस्क्यू किए गए करीब 3 से 4 फीट लंबे सांप को सुरक्षित तरीके से उसके प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा जाएगा। गौ रक्षा दल का कहना है कि जीव-जंतुओं को बचाना उनकी टीम का प्रमुख उद्देश्य है और सांप मिलने की सूचना पर वे लगातार रेस्क्यू कार्य में सहयोग कर रहे हैं।
इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सांप दिखाई देने पर घबराने के बजाय सावधानी बरतनी चाहिए और उसे सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करवाना चाहिए।
Pratham Tehelka Pratham Tehelka News
