Air India AI171 plane crash: भारत के एविएशन इतिहास का सबसे बड़ा सवाल अब सामने है,12 जून 2025 को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-117 अहमदाबाद से लंदन उड़ान भरते ही क्रैश क्यों हुई? अब इस हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आ गई है और इसमें जो तथ्य उजागर हुए हैं, उन्होंने सभी को हैरान कर दिया है। ना बोइंग को दोषी ठहराया गया, ना ही इंजन निर्माता GE को, और पायलटों पर भी सीधी गलती का कोई प्रमाण नहीं मिला। तो फिर सवाल उठता है — इस दर्दनाक हादसे का असली जिम्मेदार कौन था?
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!क्या हुआ था 12 जून को?
Air India के बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर ने दोपहर करीब 2:34 बजे टेकऑफ किया। विमान में सवार थे —
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230 यात्री
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10 क्रू मेंबर
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2 पायलट
टेकऑफ के सिर्फ 19 सेकंड बाद, विमान अचानक नीचे गिरा और बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर जा गिरा। हादसे में 241 में से 240 लोगों की मौत हो गई, और 19 लोग जमीन पर भी मारे गए। चमत्कारिक रूप से सिर्फ एक यात्री जिंदा बचा।
AAIB रिपोर्ट के 10 सबसे बड़े खुलासे:
1️⃣ दोनों इंजन अचानक बंद हो गए
टेकऑफ के वक्त 180 नॉट्स की रफ्तार पर दोनों फ्यूल कटऑफ स्विच खुद-ब-खुद ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ में चले गए — यानी प्लेन की फ्यूल सप्लाई रुक गई और इंजन बंद हो गए।
2️⃣ कॉकपिट में भ्रम की स्थिति
CVR रिकॉर्डिंग में पायलटों के बीच बातचीत साफ दिखाती है कि किसी ने जानबूझकर फ्यूल बंद नहीं किया था। सिस्टम ने खुद ऐसा किया।
3️⃣ इंजन स्टार्ट करने की नाकाम कोशिश
पायलटों ने इंजन फिर से स्टार्ट करने की कोशिश की, लेकिन N2 कोर स्पीड आवश्यक स्तर तक नहीं पहुंची। इंजन दोबारा शुरू नहीं हो सके।
4️⃣ इंजन 1 में थोड़ी हलचल, इंजन 2 पूरी तरह फेल
इंजन 1 की हालत थोड़ी स्थिर हुई लेकिन रिकवरी अधूरी रही, इंजन 2 पूरी तरह निष्क्रिय रहा।
5️⃣ RAT और APU जैसे सेफ्टी सिस्टम एक्टिव हुए लेकिन नाकाफी साबित हुए
इमरजेंसी पावर सिस्टम सक्रिय तो हुए, लेकिन क्रैश को रोक नहीं पाए।
6️⃣ EGT में उछाल से पुष्टि — इंजन स्टार्ट करने की कोशिश की गई थी
फ्यूल वापस ‘RUN’ में लाते ही EGT बढ़ी लेकिन नतीजा नहीं निकला।
7️⃣ दोनों इंजन आइडल स्पीड से भी नीचे
इंजन की स्पीड (N2) हादसे के समय आवश्यक न्यूनतम स्तर से भी कम थी — यही प्लेन के फेल होने की असली वजह बनी।
8️⃣ ब्लैक बॉक्स डैमेज, डेटा आंशिक रूप से रिकवर
पिछला डेटा रिकॉर्डर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ, जिससे सीमित जानकारी ही मिल पाई।
9️⃣ कोई दोष तय नहीं
न बोइंग, न GE और न ही पायलट — फिलहाल किसी पर सीधी जिम्मेदारी तय नहीं हुई। कोई सेफ्टी अलर्ट भी नहीं जारी किया गया।
🔟 जांच अब भी जारी है
फाइनल रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा है, जिसमें असली दोषी की पहचान और सुधार की सिफारिशें होंगी।
सबसे बड़ा सवाल: क्या यह सिस्टम ऑटोमैशन फेल्योर था?
रिपोर्ट में संकेत मिले हैं कि यह सॉफ्टवेयर गड़बड़ी, इलेक्ट्रिकल फेल्योर या संभवतः कोडेड ऑटोमैटिक फंक्शनिंग का नतीजा हो सकता है, जिसने बिना किसी इंसानी हस्तक्षेप के फ्यूल कटऑफ एक्टिवेट कर दिया।
सिर्फ एक यात्री की जान बची, अब वही “गवाह नंबर 1”!
इस हादसे में सिर्फ एक यात्री जिंदा बचा — उनकी मेडिकल कंडीशन अब स्थिर है और उन्होंने AAIB को बयान भी दिया है। उनकी जानकारी से अंतिम निष्कर्षों में मदद मिलने की उम्मीद है।
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