Saturday , 10 October 2026

हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए संबल बनीं हरियाणा सरकार की ‘सखी – वन स्टॉप सेंटर’ योजना, सितंबर तक कुल 66,818 मामलों का निवारण

चंडीगढ़  – हरियाणा में हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए ‘सखी – वन स्टॉप सेंटर’ योजना एक बड़ा संबल साबित हो रही है। “सशक्त महिला, सुरक्षित महिला” के संदेश के साथ कार्य कर रहे इन केंद्रों के माध्यम से शारीरिक, यौन, भावनात्मक, मानसिक या आर्थिक हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक ही छत के नीचे सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

एक सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 22 वन स्टॉप सेंटर पूरी तरह से क्रियाशील हैं। इनमें से 10 सेंटर अपने स्वयं के भवनों से संचालित हो रहे हैं तथा 5 नए अतिरिक्त वन स्टॉप सेंटर भी स्थापित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से सितंबर 2026 तक कुल 66,818 मामलों का निवारण और सहायता प्रदान की जा चुकी है।

प्रवक्ता ने आगे बताया कि इन केंद्रों पर पीड़ित महिलाओं को तत्काल चिकित्सा सहायता, मुकदमे के लिए कानूनी सहायता, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक परामर्श, एफआईआर दर्ज करवाने व पुलिस सुरक्षा में सहायता तथा 20 दिनों तक का अल्पकालिक सुरक्षित अस्थायी आश्रय प्रदान किया जाता है। इस अस्थायी आश्रय में महिलाओं और उनके बच्चों (किसी भी उम्र की लड़कियां तथा 12 वर्ष तक के लड़के) के लिए बुनियादी सुविधाएं शामिल हैं। यदि किसी पीड़िता को 20 दिनों से अधिक समय के प्रवास या दीर्घकालिक पुनर्वास की आवश्यकता होती है, तो उन्हें नारी निकेतन (करनाल), महिला आश्रम (रोहतक) जैसे सरकारी संस्थानों या भाई कन्हैया लाल ट्रस्ट (सिरसा), आशियाना, करनाल द अर्थ सेवियर्स फाउंडेशन जैसी एनजीओ संस्थाओं में भेज दिया जाता है।

इसके अलावा गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के मामलों में स्वास्थ्य विभाग और “जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम” के माध्यम से चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि यौन उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, मानव तस्करी, ऑनर किलिंग, तेजाब हमला या किसी भी प्रकार की हिंसा से पीड़ित हर महिला इन केंद्रों से सहायता प्राप्त कर सकती है। बेहतर समन्वय के लिए इन सेंटरों को वूमेन हेल्पलाइन 181, इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम 112 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 से सीडीएसी के माध्यम से जोड़ा गया है। पीड़ित महिलाएं किसी भी समय आपातकालीन सहायता के लिए टोल-फ्री 181 या 112 पर संपर्क कर सकती हैं अथवा अधिक जानकारी के लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.wcdhry.gov.in पर जानकारी हासिल कर सकती हैं।

About webadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *