हरियाणा: सूखे की स्थिति से खरीफ फसलों को हुए नुकसान को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा का प्रतिनिधिमंडल जिला प्रधान रामपाल देशवाल की अध्यक्षता में जिला उपायुक्त (DC) से मिला। किसान सभा ने प्रभावित किसानों के लिए जल्द से जल्द क्रॉप कटिंग, विशेष गिरदावरी और क्षतिपूर्ति पोर्टल खोलने की मांग उठाई।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!किसान सभा के प्रतिनिधियों का कहना है कि जिले में इस बार बारिश की कमी और सूखे की स्थिति के कारण खरीफ की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसान सभा के मुताबिक मूंग की करीब 80 प्रतिशत और बाजरे की करीब 70 प्रतिशत फसल खराब हो चुकी है, जबकि धान और कपास समेत अन्य खरीफ फसलों पर भी असर पड़ा है।
एक सप्ताह में क्रॉप कटिंग की मांग
कामरेड ओमप्रकाश ने बताया कि किसान सभा ने DC के सामने सबसे महत्वपूर्ण मांग एक सप्ताह के भीतर मूंग और बाजरे की क्रॉप कटिंग करवाने की रखी है।
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में किसान अपनी फसल काटकर खेत खाली कर चुके हैं या रबी की बुवाई की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में यदि समय पर क्रॉप कटिंग नहीं हुई तो बीमा सर्वे में किसानों को परेशानी हो सकती है।
किसान सभा का कहना है कि फसल कटने के बाद खेत में क्रॉप कटिंग के लिए पर्याप्त फसल उपलब्ध नहीं रहने की स्थिति में प्रभावित किसानों के नुकसान का आकलन मुश्किल हो सकता है। इसलिए बीमा प्रक्रिया को फसल कटने और रबी की बुवाई से पहले पूरा करने की मांग की गई है।
70-80 प्रतिशत खरीफ फसल खराब होने का दावा
किसान सभा के अनुसार, इस बार जिले में खरीफ की फसलों को करीब 70 से 80 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि मूंग और बाजरे की फसल पर सूखे का सबसे ज्यादा असर दिखाई दे रहा है।
किसान संगठन का कहना है कि पिछले साल किसानों को बाढ़ के कारण नुकसान उठाना पड़ा था और इस बार सूखे की स्थिति ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
हालांकि, फसल नुकसान का वास्तविक आंकड़ा सरकारी सर्वे और गिरदावरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
विशेष गिरदावरी और बीमा सर्वे में तेजी की मांग
किसान सभा ने जिला प्रशासन से विशेष गिरदावरी करवाने की भी मांग की है। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द फसल नुकसान का आकलन किया जाना जरूरी है।
इसके साथ ही किसानों ने बीमा कंपनियों की ओर से किए जाने वाले फसल सर्वे में भी तेजी लाने की मांग की है। किसान सभा का कहना है कि समय पर सर्वे और क्रॉप कटिंग नहीं होने की स्थिति में किसानों के सामने बीमा क्लेम से जुड़ी परेशानियां खड़ी हो सकती हैं।
DC और DDA ने दिया जल्द कार्रवाई का आश्वासन
किसान सभा के प्रतिनिधियों ने DC और DDA अधिकारियों के सामने अपनी मांगें रखीं। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि आवश्यक मैनपावर उपलब्ध करवाकर क्रॉप कटिंग की प्रक्रिया जल्द पूरी करवाने का प्रयास किया जाएगा।
अधिकारियों की ओर से यह भी आश्वासन दिया गया कि प्रभावित किसानों को नुकसान के आकलन के आधार पर न्यायोचित मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
किसान सभा ने कहा कि अब अधिकारियों के आश्वासन के बाद वास्तविक स्थिति क्रॉप कटिंग और सर्वे की कार्रवाई पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
क्षतिपूर्ति पोर्टल खोलने की भी मांग
किसान सभा ने प्रभावित किसानों के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल जल्द खोलने की मांग भी दोहराई है। संगठन का कहना है कि पिछले साल बाढ़ और इस साल सूखे के कारण किसानों को लगातार प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ रहा है।
किसान प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की कि फसल नुकसान का सर्वे जल्द पूरा कराकर क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला जाए, ताकि प्रभावित किसान समय पर अपनी फसल नुकसान की जानकारी दर्ज कर सकें और उन्हें नियमानुसार मुआवजा मिल सके।
रबी की बुवाई से पहले प्रक्रिया पूरी करने की मांग
किसान सभा ने स्पष्ट किया कि अब रबी की बुवाई का समय नजदीक है। ऐसे में खरीफ फसलों से संबंधित क्रॉप कटिंग, विशेष गिरदावरी और बीमा सर्वे की प्रक्रिया में देरी किसानों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।
संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि रबी की बुवाई शुरू होने से पहले प्रभावित खेतों का जरूरी सर्वे पूरा किया जाए, ताकि किसानों के नुकसान का सही आकलन हो सके और मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
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