यमुनानगर,24सितम्बर। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रविवार को यमुनानगर में साफ किया कि पंचकूला में पिछले 25अगस्त को हिंसा के दौरान मारे गए लोगों को मुआवजा पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समूचे घटनाक्रम पर हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा है और मुआवजा देने का फैसला भी हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार ही किया जाएगा। केबिनेट विस्तार के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान की 15 फीसदी की सीमा के अनुसार सीटें भरी हुई हैं और अब कोई गुंजाइश नहीं है।
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मुख्यमंत्री ने अपने इस बयान से केबिनेट मंत्री अनिल विज की मांग का निपटारा कर दिया। स्वास्थ्य मंत्री विज ने कहा था कि उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने अपनी राय रखी है कि जब पिछले साल जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों को मुआवजा दिया जा सकता है तो पंचकूला में सिरसा डेरा प्रमुख के खिलाफ सीबीआई अदालत का फैसला आने के बाद भडकी हिंसा के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों को भी मुआवजा दिया जा सकता है। उनके एक आश्रित को नौकरी भी दी जा सकती है। अनिल विज के डेरा प्रेम के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि वे किसी की व्यक्तिगत आस्था पर टिप्पणी नहीं करेंगे। विज ने कहा था कि अदालत ने साध्वी बलात्कार प्रकरण में डेरा प्रमुख को दोषी ठहराया है। लेकिन वे डेरा जाना नहीं छोडेंगे।
अपने यमुनानगर दौरे के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि वे प्रदेश के सभी जिलों के दौरे के पहले दो दौर पूरे कर चुके हैं और यह तीसरा दौर चल रहा है। तीसरे दौर में उन्होंने 12 जिलों का दौरा पूरा कर लिया है। बाकी जिलों का दौरा अगले तीन माह में कर लिया जाएगा। इन दौरों में हर जिला मुख्यालय पर दो दिन रहकर कार्यकर्ताओं और आम जनता की सीधी सुनवाई कर अधिकारियों से बातचीत करना भी शामिल है। दूसरे दौर में उन्होंने 3600 घोषणाएं की थीं जिनमें से 2250 पूरी का जा चुकी है। बाकी रही घोषणाओं को भी जल्दी ही पूरा कर लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में यमुना नदी पर और पुल बनवाने का विचार है। इस बारे में उत्तर प्रदेश सरकार व राष्ट्ीय राजमार्ग प्राधिकरण से बातचीत चल रही है।यमुना एक्सप्रेस वे को भी केन्द्र सरकार को मुजूरी देना है। दादू पुर-नलवी नहर के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि नहर के लिए अधिग्रहीत भूमि के मुआवजे की जो दर अदालत ने तय की है वह काफी अधिक है। अदालत यदि मुआवजा दर को तर्कसम्मत बनाती है तो योजना को आगे बढाने पर विचार किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि नहर निर्माण की योजना को वापस लेने के सरकार के रूख के विरोध में किसान धरने पर बैठे है। क्या गुरूग्राम नगर निगम चुनाव के नतीजे राज्य सरकार के कामकाज पर जनमत का फैसला होगा इस सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार और नगर निगम के कामकाज अलग-अलग होते हैं लेकिन गुरूग्राम नगर निगम चुनाव में भाजपा बहुमत हासिल करेगी। फरीदाबाद नगर निगम चुनाव में भी भाजपा ने 40 में से 29 सीटें जीती थीं।
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