Tuesday , 28 July 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘आदि महोत्सव’ का किया उद्घाटन !

16 से 27 फरवरी तक चलने वाले इस ‘आदि महोत्सव’ का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इस मौके पर जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा भी प्रधानमंत्री के साथ रहे। पीएम मोदी ने यहां स्वतंत्रता सेनानी और आदिवासी नेता बिरसा मुंडा को श्रद्दांजलि दी।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

नेशनल डेस्क:- दिल्ली के मेजर ध्यान चंद राष्ट्रीय स्टेडियम में ‘आदि महोत्सव’ का आयोजन किया गया । 16 से 27 फरवरी तक चलने वाले इस महोत्सव का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इस दौरान कार्यक्रम में 200 स्टॉल के माध्यम से देशभर के जनजातीय समुदायों की समृद्ध और विविधतापूर्ण धरोहर को प्रदर्शित किया जा रहा है। इस मौके पर जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा भी प्रधानमंत्री के साथ रहे। पीएम मोदी ने यहां स्वतंत्रता सेनानी और आदिवासी नेता बिरसा मुंडा को श्रद्दांजलि दी। इस कार्यक्रम में जनजातीय संस्कृति, शिल्प, खान-पान, वाणिज्य और पारंपरिक कला को प्रदर्शित किया जा रहा है। जनजातीय समुदायों की ओर से उपजाए जाने वाले श्री अन्न, इस कार्यक्रम का केंद्र बिंदु रहेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अपना संबोधन भी दिया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आदिवासी समाज के विरासत से लेकर विकास पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘आदि महोत्सव’ विकास और विरासत के विचार को और अधिक जीवंत बना रहा है। जो पहले खुद को दूर-सुदूर समझता था अब सरकार उसके द्वार जा रही है, उसको मुख्यधारा में ला रही है। आदिवासी समाज का हित मेरे लिए व्यक्तिगत रिश्तों और भावनाओं का विषय है। पीएम मोदी ने कहा कि मैंने देश के कोने कोने में आदिवासी समाज और परिवार के साथ अनेक सप्ताह बिताए हैं। मैंने आपकी परंपराओं को करीब से देखा भी है, उनसे सीखा भी है और उनको जिया भी है। आदिवासियों की जीवनशैली ने मुझे देश की विरासत और परंपराओं के बारे में बहुत कुछ सिखाया है। पीएम मोदी ने कहा कि आज वैश्विक मंचों से भारत आदिवासी परंपरा को अपनी विरासत और गौरव के रूप में प्रस्तुत करता है। आज भारत विश्व को बताता है कि अगर आपको जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियों का समाधान चाहिए तो हमारे आदिवासियों की जीवन परंपरा देख लीजिए । आपको रास्ता मिल जाएगा।

पीएम मोदी ने कहा कि हम कैसे प्रकृति से संसाधन लेकर भी उसका संरक्षण कर सकते हैं इसकी प्रेरणा हमें हमारे आदिवासी समाज से मिलती है। भारत के जनजातीय समाज द्वारा बनाए जाने वाले उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है और ये विदेशों में निर्यात किए जा रहे हैं। 80 लाख से ज्यादा सेल्फ हेल्फ ग्रुप आज अलग-अलग राज्यों में काम कर रहे हैं जिसमें सवा करोड़ से ज्यादा सदस्य हमारे जनजातीय भाई-बहन हैं और इनमें भी बड़ी संख्या हमारी माताओं-बहनों की है। पीएम मोदी ने कहा कि आदिवासी युवाओं को भाषा की बाधा के कारण बहुत दिक्कत का सामना करना पड़ता था लेकिन अब नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में मातृभाषा में पढ़ाई का विकल्प भी खोल दिया गया है। अब हमारे आदिवासी बच्चे, आदिवासी युवा अपनी भाषा में पढ़ सकेंगे, आगे बढ़ सकेंगे।

पीएम मोदी ने कहा कि देश जब आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति को अपनी प्राथमिकता देता है, तो प्रगति के रास्ते अपने आप खुल जाते हैं। हमारी सरकार में ‘वंचितों को वरीयता’ के मंत्र को लेकर, देश विकास के नए आयाम को छू रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जा रहा है। देश के हजारों गांव जो पहले वामपंथी उग्रवाद से ग्रसित थे उन्हें 4G कनेक्टिविटी से जोड़ा जा रहा है। यहां के युवा अब इंटरनेट और इंफ़्रा के जरिए मुख्यधारा से कनेक्ट हो रहे हैं।

About webadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *