नेशनल डेस्क: देश में इस समय कोरोना से त्राहि-त्राहि मची है। तो वहीं, इस आपदा में जहां कुछ लोग बढ़-चढ़कर एक दूसरे की सेवा कर रहे हैं तो वहीं कुछ इस आपदा को अवसर के रूप में इस्तेमाल करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे। जिसका जीता जागता नजारा देखने को मिला दिल्ली से सटे फरीदाबाद में।
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7 लोगों को किया गिरफ्तार
जहां क्राइम ब्रांच की टीम ने कोरोना के मरीजों के लिए संजीवनी माने जा रहे रेमडिसिवर के इंजेक्शन की कालाबाजारी करते हुए 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। बता दें कि 7 आरोपी अलग अलग निजी अस्पतालों में फार्मासिस्ट के तौर पर काम करते थे। अब पुलिस सभी को रिमांड पर लेकर और इंजेक्शन की रिकवरी के लिए पूछताछ कर रही है।
आरोपी फरीदाबाद के अ अस्पतालों में फार्मासिस्ट के तौर पर करते हैं काम
बता दें कि, फिलहाल कोरोना के मरीजों के लिए रेमडिसिवर इंजेक्शन को संजीवनी माना जा रहा है और यह सातों इसी संजीवनी का मोटे दामों पर सौदा कर कालाबाजारी कर रहे थे। डीसीपी क्राइम ब्रांच जय वीर राठी के मुताबिक सभी सातों आरोपी फरीदाबाद के अलग-अलग अस्पतालों में फार्मासिस्ट के तौर पर काम करते थे और वही अस्पतालों से कोरोना के मरीजों द्वारा लाए गए रेमडिसिवर इंजेक्शन को बचाकर उन्हें मोटे दामों पर बेचने का काम करते थे जिनकी कीमत साढ़े तीन हजार है उसे 18 से 20 हजार में बेच रहे थे जिसकी सूचना पुलिस को मिली थी
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