पानीपत, 6 फरवरी(प्रवीण भारद्वाज): पानीपत शहर की सफाई व्यवस्था को दुरस्त करने के लिए निगम मेयर ने निगम अधिकारियों के साथ एक मीटिंग की। इस मीटिंग में पार्षदों ने शहर की सफाई व्यवस्था का मुद्दा जोर शोर से उठाया। बैठक के दौरान नगर निगम पार्षदों एवं शहर की सफाई व्यवस्था संभालने वाली जेबीएम कंपनी के अधिकारियों के बीच जबरदस्त नोक झोंक हुई। पार्षदों का आरोप है कि जेबीएम कंपनी सफाई व्यवस्था के नाम पर करोड़ों रुपया नगर निगम से वसूलने के बाद भी सफाई का काम ठीक ढंग से नहीं कर रही।
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इस संबंध में नगर निगम की कार्यकारी अधिकारी व मेयर ने व्यवस्था पर संज्ञान लेने की बात कही है तो वहीं निगम मेयर का कहना है कि किसी भी कार्य में भ्रष्टाचार सहन नहीं किया जाएगा। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि अगर इसकी उच्च स्तरीय जांच कर कार्रवाई करने की जरूरत पड़ी तो वह भी जरूर की जाएगी।
गौरतलब है जेबीएम कंपनी पिछले आठ 10 महीने से नगर निगम से करोड़ों रुपए हर महीने सफाई व्यवस्था के नाम पर लेती है, लेकिन शहर में गंदगी का बुरा हाल है। कंपनी के एजीएम ने बताया कि कुछ निजी कर्मी शहर से कूड़ा उठाने में लगे हैं, जिनकी वजह से अव्यवस्था फैल रही है जिसे दुरुस्त किया जा रहा है। दूसरी ओर नगर निगम के कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि कंपनी ने अपने संसाधनों को पुराने वार्डों के अनुसार लगा रखा था जबकि नई वार्ड बंदी हो जाने के कारण यह दिक्कत आ रही है जिसे जल्द दूर कर लिया जाएगा।
दूसरी ओर शहर की मेयर इस व्यवस्था से काफी परेशान नजर आई, उनका कहना है कि कंपनी के अधिकारियों ने आज आश्वासन दिया है कि आज शाम तक अधिकारी सभी वार्ड पार्षदों से संपर्क कर उनके अनुसार सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें जानकारी देंगे ,अगर फिर भी कोई कमी पाई जाती है तो कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
मेयर ने बताया कि उनके संज्ञान में स्ट्रीट लाइट टेंडर में अनियमितता की बात सामने आई है जिसको लेकर जांच के आदेश दे दिए गए हैं, उन्होंने कहा कि अगर किसी भी किस्म का कोई भ्रष्टाचार इस मामले में पाया जाता है तो भ्रष्टाचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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