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डेरा सच्चा सौदा का प्रमुख सजायाफ्ता गुरमीत को ही बनाए रखने पर बनी सहमति

चंडीगढ,2नवम्बर। यूं तो अपने सामाजिक कार्यों के चलते और सिख पंथ की सर्वोच्च पीठ अकाल तख्त के साथ समस्याओं के चलते अक्सर में चर्चा में बने रहने वाला हरियाणा का सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा पिछले अगस्त माह में डेरा प्रमुख को सजा के बाद भडकी हिंसा के कारण चर्चा में था तो अब डेरा की गद््दी के उत्तराधिकार को लेकर चर्चा में है।
     डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को पिछले 25अगस्त को पंचकूला स्थित सीबीआई अदालत ने वर्ष 2002 के साध्वी बलात्कार प्रकरण मे दोषी करार दिया था और 28 अगस्त को बलात्कार के दो मामलों में बीस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद से ही डेरा के अनुयायी जमात के बीच और सामाजिक तौर पर डेरा की गद््दी के उत्तराधिकार के फैसले का इंतजार किया जा रहा था।
     पहले कयास थे कि गुरमीत राम रहीम के पुत्र जसमीत इंसा को डेरा उत्तराधिकारी बनाया जा सकता है। कुछ वर्गों में डेरा की चेयरपर्सन विपासना को चेयरपर्सन बनाए जाने के कयास थे। लेकिन दो दिन पहले जसमीत इंसा ने एक बयान में ऐलान कर दिया कि उनके पिता गुरमीत राम रहीम ही डेरा प्रमुख बने रहेंगे। जसमीत के इस बयान के बाद अनुयायियों के एक बडे वर्ग में ये कयास भी लगाए जा रहे थे कि संभव है चेयरपर्सन विपासना का गुट जसमीत इंसा के फैसले का विरोध करे। लेकिन गुरूवार को विपासना ने भी ऐलान कर दिया कि गुरमीत राम रहीम ही डेरा प्रमुख रहेंगे। विपासना ने इसके साथ ही यह भी कहा कि वह डेरा में ही रहेंगी। इसके साथ ही साफ है कि डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को साध्वी बलात्कार प्रकरण में सजा होने के बाद भी इस पद पर बनाए रखने के लिए आम सहमति बन गई है।
    डेरा सच्चा सौदा में गुरूवार को गतिविधियां तेज रहीं। जहां विपासना ने गुरमीत राम रहीम के डेरा प्रमुख बने रहने का बयान जारी किया वहीं हाईकोर्ट द्वारा डेरा की तलाशी के लिए नियुक्त किए गए कमिश्नर ने डेरा प्रबन्धकों व अधिकारियों के साथ बैठक की। समझा जा रहा है कि हाईकोर्ट कमिश्नर डेरा की फिर तलाशी ले सकते है। विपासना ने यह भी कहा कि वे स्वास्थ्य खराब होने के कारण हरियाणा पुलिस की एसआईटी के सामने उपस्थित नहीं हो पाई।
   डेरा की गतिविधियों के जानकार लोगों का कहना है कि गुरमीत राम रहीम सिंह को डेरा प्रमुख बनाए रखने के फैसले का सीधा मतलब है कि डेरा पर हनीप्रीत का नियंत्रण बना रहेगा। गुरमीत राम रहीम डेरा का संचालन हनीप्रीत के जरिए ही करना चाहेगा। सूत्र बताते हैं कि डेरा सें जुडे करीब छह लोग ऐसे हैं जो कि डेरा के जरिए ही अपनी आजीविका चलाते है। उन्हें डेरा के व्यवसायों के जरिए पचास हजार से दो लाख रूपए प्रतिमाह तक की आय होती है। ये लोग गुरमीत राम रहीम और हनीप्रीत के पक्ष में है।

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