चंडीगढ़, 16 जून (कुलदीप कौर चाहल): पूरे विश्व में आज ईद-उल-फितर का त्यौहार मनाया जा रहा है। ईद अमन और शांति का पैगाम देने वाला त्योहार है। इसमें मुसलमान समुदाय के लोग एक महीना तक रोजा रखते हैं और चाँद रात के अगले दिन रोज़ा खत्म होने पर खुदा का शुक्र अदा करते हैं और एक दूसरे के गले मिलकर पुराने गिले-शिकवे दूर कर के एक नई राह पर चलने का प्रण लेते हैं। पूरे देश में ईद की रौनक छाई रही वहीं चंडीगढ़ सेक्टर- 20 की जामा मस्जिद में भी ईद की नमाज़ अदा की गई जहाँ हजारों मुस्लिम भाइयों ने शिरकत की और अल्लाह से अमन और शांति की फरियाद की।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!चंडीगढ़ सेक्टर-20 कि जामा मस्जिद के मौलाना ने मुसलमान समुदाय में साल में दो बार आने वाली ईद के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि साल में दो बार ईद आती है, जिसमें आज की ईद को ईद-उल-फितर कहा जाता है। जबकि दूसरी ईद को बकरीद कहा जाता है।
उन्होंने कहा कि सभी धर्मों में व्रत रखने का रिवाज है और हिंदू तथा ईसाई धर्म में भी व्रत की अहमियत को माना गया है। यह सभी धर्मों का संयुक्त त्यौहार है और भारत में सभी धर्म इस त्यौहार को मिल-जुलकर मनाते हैं और अपने गिले शिकवे भूल कर एक नई पहल करते हैं। उन्होंने इस मौके पर सभी देशवासियों को बधाई देते हुए खुदा से दुआ मांगी कि आने वाला समय सुख और शांति लेकर आए।
Pratham Tehelka Pratham Tehelka News
