सोनीपत, 30 अगस्त(संजीव कुमार): इंडोनेशिया के जकार्ता में चल रहे एशियाई खेलों में एक और भारतीय अर्पिन्द्र सिंह ने 48 साल बाद ट्रिपल जम्प में 16.77 मीटर कूद कर भारत के नाम एक और गोल्ड करने में सफलता हासिल की है, लेकिन इस सफलता के पीछे अर्पिन्द्र सिंह को किन किन कठिनाइयों से गुजरना पड़ा ये दर्द उसके परिवार की आंखों में छलकता है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!एशियाई गेम्स में ट्रिपल जम्प में गोल्ड जीत कर एकाएक सुर्खियों में आए अर्पिन्द्र सिंह को सोशल मीडिया पर देश के बड़े से बड़े खिलाड़ियों और राजनेताओं ने बधाई दी। लेकिन परिवार ने उसकी कामयाबी के पीछे उसकी लगन को बताया।
अर्पिन्द्र सिंह वैसे तो पंजाब के अमृतसर के रहने वाला है, लेकिन पंजाब सरकार ने उसकी अनदेखी का शिकार होकर वह हरियाणा के सोनीपत में स्तिथ साई सेंटर में कड़ी मेहनत करने में जुट गया,अर्पिन्द्र सिंह की बहन और जीजा ने बताया कि अपिन्द्र सिंह शुरुआत से ही ट्रिपल जम्प में देश के लिए कुछ करना चाहता था लेकिन पंजाब सरकार की खेल नीति से परेशान होकर वह सोनीपत आ गया और यहाँ अभ्यास करने में जुट गया, पंजाब सरकार ने उसकी अनदेखी की है, पांच साल से वह हरियाणा से मेहनत कर रहा है, हमे उम्मीद है कि हरियाणा सरकार उसे वही सम्मान और ईनामी राशि देगी जिसे वह अन्य खिलड़ियों को देगी।
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