अंबाला। हरियाणा के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में बिजली मीटर रीडर अपनी मांगों को लेकर ऊर्जा मंत्री अनिल विज के आवास पहुंचे। मीटर रीडरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मंत्री को मांग पत्र सौंपते हुए नौकरी की सुरक्षा समेत कई मुद्दे उठाए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मीटर रीडरों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से बिजली विभाग से जुड़े काम पूरी जिम्मेदारी के साथ कर रहे हैं, लेकिन ठेका और आउटसोर्सिंग व्यवस्था के कारण उन्हें नौकरी की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
नौकरी की सुरक्षा देने की मांग
मीटर रीडरों ने मांग की कि स्मार्ट मीटर और डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद किसी भी मौजूदा मीटर रीडर को नौकरी से न हटाया जाए। उनका कहना है कि तकनीकी बदलाव के कारण उनकी सेवाएं खत्म करने के बजाय उन्हें विभाग में दूसरे तकनीकी या फील्ड कार्यों में समायोजित किया जाना चाहिए।
ठेका प्रथा खत्म करने की मांग
मीटर रीडरों ने ठेका और आउटसोर्सिंग व्यवस्था को खत्म करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि ठेकेदारों और बिचौलियों के माध्यम से काम करने की व्यवस्था में कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने मांग की कि मीटर रीडरों को ठेकेदारी व्यवस्था से बाहर निकालकर सीधे बिजली विभाग के रोल पर लिया जाए, ताकि उन्हें रोजगार से जुड़ी अधिक सुरक्षा मिल सके।
स्मार्ट मीटर से रोजगार प्रभावित होने की चिंता
मीटर रीडरों ने कहा कि बिजली क्षेत्र में स्मार्ट मीटर और डिजिटल व्यवस्था तेजी से लागू हो रही है। ऐसे में लंबे समय से काम कर रहे मीटर रीडरों के सामने रोजगार का संकट पैदा होने की आशंका है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि डिजिटल व्यवस्था लागू करने के साथ कर्मचारियों के अनुभव और सेवाओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें विभाग के अन्य तकनीकी या फील्ड कार्यों में अवसर दिया जाए।
मीटर रीडरों ने उम्मीद जताई कि ऊर्जा मंत्री अनिल विज उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेंगे और जल्द समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
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