6 जून। चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा में लैब संचालकों ने सरकार के फैसले के खिलाफ जंग छेड़ दी है। बता दे लैब संचालक सरकार द्वारा लैब रिपोर्ट पर एमबीबीएस डॉक्टर्स के सिग्नेचर अनिवार्य किए जाने के फैसले से खफा हैं। जिसके चलते चंडीगढ़ सेक्टर-34 के ग्राउंड में लैब संचालकों द्वारा अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की गई और चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो वे लोग अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे और हड़ताल के दौरान मरीजों को होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी सरकार की होगी। लैब संचालकों कि मांग है कि लैब रिपोर्ट पर एमबीबीएस डॉक्टर के हस्ताक्षर अनिवार्य करने के नियम को हटाया जाए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!लैब संचालकों कि यूनियन मेडिकल लेबोरेटरी एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय मेहंदीरत्ता ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा यह अनिवार्य कर दिया गया है कि किसी भी मेडिकल रिपोर्ट पर कम से कम MBBS डॉक्टर के हस्ताक्षर अवश्य हो। यदि हम लोग एमबीबीएस डॉक्टर के हस्ताक्षर करवाते हैं तो हमें एक मोटी रकम उन्हें देनी पड़ती है जो कि संभव नहीं है। इसलिए हम यह मांग कर रहे हैं कि MBBS डॉक्टर के हस्ताक्षर वाली शर्त को वापस लिया जाए ताकि लैब संचालक अपना काम ईमानदारी और मेहनत से कर सकें।
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