फतेहाबाद मे दंसवी कक्षा पेपर चैकिंग के दौरान उत्तर पुस्तिका में विद्यार्थियों के अजीबो गरीब किस्से सामने आए, जहां कई बच्चों ने उतर पुस्तिका में गाने लिख डाले तो किसी ने पेपर चैक करने वाले अध्यापक से पास करने की गुहार लगा डाली। किसी ने हरियाणवी गाना छन छन बोले तेरी तागड़ी, तन्ने चस्का फरारी का, तो किसी ने पंजाबी गीत, लाके तिन्न पेग्ग बल्लिए उतर पुस्तिका में चेप दिया। हालाकि एेसा लिखना इनकी मजबूरी है जा मसखरे में ऐसा लिखा, यह तो नहीं कहा जा सकता लेकिन परीक्षार्थियों द्वारा उत्तरपुस्तिकाओं में लिखी गई एेसी बातेें शिक्षा व्यवस्था व शिक्षार्थियों की बेचारगी भी दर्शाते हैं।
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ऐसे गीत 10वीं की परीक्षा में परीक्षार्थियों ने उत्तरपुस्तिका में खूब लिखे हैं। परीक्षार्थियों ने उत्तरपुस्तिकाओं में कई सहानुभूति के शब्द भी लिखे हैं ताकि जांच कर रहा शिक्षक पास कर दे। अहम बात यह है कि ये सब रेगुलर परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिका में सामने आ रहा है। वहीं कुछ परीक्षार्थियों ने प्रार्थना की है कि उन्हें पास कर दिया जाए। हद तो तब हो गई जब एक छात्र ने लिखा कि मेरी रिक्वेस्ट है कि मैं गरीब हूं और अनाथ भी। मेरी शादी होने वाली है। फेल कर दिया तो बेइज्जती हो जाएगी।
पेपर चैकिंग कर रही अध्यापक प्रियंका चौधरी ने बताया कि दसवीं की हिंदी की उत्तरपुस्तिका का मूल्यांकन कार्य चल रहा है जो कि अब अंतिम चरण में है। बुधवार तक कार्य संपन्न हो जाएगा। मूल्यांकन करने वाले शिक्षक को इन बातों से कोई लेना-देना नहीं होता है, परीक्षार्थी द्वारा लिखे गए प्रश्नों के उत्तर के मुताबिक ही नंबर दिए जाते हैं। अगर पास होगा तो पास किया जाएगा, अगर फेल है तो फेल किया जाएगा।
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