अंबाला: कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक से महज एक कदम दूर रह गईं भारतीय शॉटपुट खिलाड़ी मनप्रीत कौर ने दो महीने के भीतर शानदार वापसी करते हुए एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीत लिया है। जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में मनप्रीत ने महिला शॉटपुट फाइनल में 17.17 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। यह एशियन गेम्स में उनका पहला पदक है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मनप्रीत ने अपना पदक जीतने वाला थ्रो चौथे प्रयास में किया। चीन की सोंग जियायुआन ने 19.40 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण और उनकी हमवतन झांग लिनरू ने 18.14 मीटर के साथ रजत पदक जीता।
कॉमनवेल्थ में चौथे स्थान के बाद किया शानदार कमबैक
मनप्रीत कौर के लिए यह पदक इसलिए भी खास है क्योंकि हाल ही में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में वह पदक से चूक गई थीं। उन्होंने वहां 17.49 मीटर का थ्रो किया था और चौथे स्थान पर रही थीं।
कॉमनवेल्थ के प्रदर्शन के बाद मनप्रीत ने अपनी तैयारियों पर काम जारी रखा और एशियन गेम्स में बेहतर प्रदर्शन करते हुए पोडियम पर जगह बनाई।
कड़ी मेहनत और परिवार का साथ बना ताकत
परिवार के मुताबिक, अंबाला में रहते हुए मनप्रीत रोजाना सुबह करीब 4 बजे प्रैक्टिस के लिए निकलती थीं और लंबे समय तक ट्रेनिंग करती थीं। उनके पति करमजीत सिंह खुद खिलाड़ी रह चुके हैं और अब उनके कोच की भूमिका भी निभाते हैं। दोनों रेलवे में कार्यरत हैं।
एशियन गेम्स में मनप्रीत की बेटी और उनके पति भी इस खास पल के गवाह बने। पदक जीतने के बाद मनप्रीत ने भी परिवार के समर्थन को याद किया।
मुश्किल दौर के बाद हासिल की वापसी
मनप्रीत कौर का खेल सफर चुनौतियों से भी भरा रहा है। 2017 में डोपिंग मामले में उन्हें चार साल का प्रतिबंध झेलना पड़ा था। प्रतिबंध के बाद उन्होंने दोबारा वापसी की और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अपनी जगह बनाई।
2023 में उन्होंने एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। उसी साल एशियन गेम्स में वह पांचवें स्थान पर रही थीं। अब 2026 एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने अपने करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ ली है।
परिवार में खुशी का माहौल
मनप्रीत की इस उपलब्धि के बाद उनके परिवार में खुशी का माहौल है। परिवार का कहना है कि उनकी वर्षों की मेहनत आखिरकार रंग लाई है और उन्होंने देश का नाम रोशन किया है।
परिवार ने मनप्रीत की जीत की खुशी में गुरुद्वारा साहिब जाकर अरदास करने और मिठाई बांटने की बात कही है।
36 साल की मनप्रीत कौर का यह कांस्य पदक सिर्फ एक और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि नहीं, बल्कि मुश्किल दौर से वापसी और लगातार मेहनत का भी उदाहरण बनकर सामने आया है। 17.17 मीटर के थ्रो के साथ उन्होंने एशियन गेम्स के पोडियम पर जगह बनाई और भारत के लिए कांस्य पदक जीता।
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