Thursday , 24 September 2026
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2026 को जनभागीदारी का स्वरूप देने पर जोर
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2026 को जनभागीदारी का स्वरूप देने पर जोर

अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2026 को जनभागीदारी का स्वरूप देने पर जोर, CM सैनी ने धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं से मांगा सहयोग!

कुरुक्षेत्र: अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2026 की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में गीता ज्ञान संस्थानम, कुरुक्षेत्र में धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने महोत्सव को लेकर अपने सुझाव मुख्यमंत्री के सामने रखे।

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मुख्यमंत्री ने सभी संस्थाओं और नागरिकों से मिलकर महोत्सव को भव्य, गरिमापूर्ण और व्यापक जनभागीदारी वाला आयोजन बनाने का आह्वान किया।

गीता जीवन को दिशा देने वाला संदेश: CM सैनी

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गीता को केवल धार्मिक ग्रंथ के रूप में नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाले संदेश के रूप में भी देखा जाना चाहिए। उन्होंने महात्मा गांधी, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और श्री अरविंद के गीता संबंधी विचारों का उल्लेख करते हुए कर्म, कर्तव्य और आध्यात्मिक चेतना के महत्व पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के माध्यम से गीता के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास होना चाहिए। महोत्सव की गतिविधियों में गीता के संदेश के साथ कुरुक्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भी प्रमुखता दी जानी चाहिए।

‘स्वच्छ कुरुक्षेत्र, पवित्र कुरुक्षेत्र’ का आह्वान

मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत बताई। उन्होंने ‘स्वच्छ कुरुक्षेत्र, पवित्र कुरुक्षेत्र’ को सामूहिक संकल्प बनाने का आह्वान किया।

उन्होंने मंदिरों, आश्रमों, धर्मशालाओं, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखने तथा प्लास्टिक मुक्त वातावरण तैयार करने में धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं से सहयोग मांगा।

साथ ही, देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों का ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना से स्वागत करने की अपील की।

महाभारतकालीन थीम पर विकसित होंगे प्रमुख चौक

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुरुक्षेत्र के प्रमुख चौकों को महाभारतकालीन थीम पर विकसित किया जाएगा। इसके जरिए शहर के अलग-अलग हिस्सों में कुरुक्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित करने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि उद्देश्य है कि कुरुक्षेत्र की नगरी में गीता और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी सांस्कृतिक पहचान स्पष्ट रूप से दिखाई दे।

संस्थाओं से तैयारियों में सहयोग की अपील

मुख्यमंत्री ने धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं से अपने स्तर पर महोत्सव की तैयारियों में सहयोग करने और अपने सुझाव प्रशासन के साथ साझा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संस्थाओं और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही महोत्सव को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप दिया जा सकता है।

‘18 मिनट गीता के नाम’ से जुड़ने की अपील

बैठक में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं से सद्भावना के साथ अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव से जुड़ने की अपील की।

उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान में प्रशासन के साथ सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं को भी आगे आना चाहिए। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति और संस्था से ‘18 मिनट गीता के नाम’ पहल से जुड़ने का आह्वान किया।

स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि गीता के प्रति जागरूकता तभी सार्थक होगी, जब इसके संदेश और सूत्र लोगों के व्यवहार और जीवन में भी दिखाई दें।

बैठक में ये गणमान्य व्यक्ति रहे मौजूद

बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता, पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल, मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती सहित कुरुक्षेत्र की विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के आध्यात्मिक गुरु, प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

कुरुक्षेत्र को हरियाणा सरकार अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर गीता की जन्मस्थली के रूप में प्रस्तुत करती है, जबकि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव को लंबे समय से धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गतिविधियों से जोड़कर आयोजित किया जाता रहा है।

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